Lucknow में फर्जी Fastag गैंग का भंडाफोड़, टोल टैक्स चोरी कराने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार

Lucknow: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने राजधानी लखनऊ में फर्जी फास्टैग के जरिए टोल टैक्स और ऑनलाइन चालान की चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को पॉलीटेक्निक चौराहे से गिरफ

Lucknow: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने राजधानी लखनऊ में फर्जी फास्टैग के जरिए टोल टैक्स और ऑनलाइन चालान की चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को पॉलीटेक्निक चौराहे से गिरफ्तार किया है। ये लोग फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर गाड़ियों के फास्टैग बनाते थे ताकि टोल प्लाजा पर पैसे न देने पड़ें।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान इंडसइंड बैंक के चैनल पार्टनर अनंत राम राठौर और उसके एजेंट नकीब खान के रूप में हुई है। ये लोग फर्जी आरसी और केवाईसी जैसे कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फास्टैग जारी करते थे। गिरोह के सदस्य अक्सर उन गाड़ियों के नंबरों का उपयोग करते थे जो दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी थीं या जिन्हें स्क्रैप कर दिया गया था। इस तरह गलत नंबर प्लेट लगाकर वे टोल टैक्स चोरी करते थे और पुलिस के ऑनलाइन चालान से भी बच जाते थे।

एएसपी एसटीएफ सत्यसेन यादव ने बताया कि इस धोखाधड़ी की वजह से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब एआरटीओ (प्रवर्तन) आलोक कुमार यादव ने 3 अप्रैल 2026 को सरोजिनीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस गिरोह के दो अन्य सदस्य, रियाज और सिराज, पहले ही पकड़े जा चुके हैं और जेल में हैं।

जांच में सामने आया कि नकीब खान पहले सीतापुर के खैराबाद टोल प्लाजा के पास पंचर की दुकान चलाता था, जिसे 2022 में अनंत राम ने अपना एजेंट बनाया। जून 2024 में सिराज ने 5000 रुपये के लालच में नकीब और अनंत से संपर्क कर फर्जी नंबर पर फास्टैग बनवाया था। एसटीएफ ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड और चार हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस सीतापुर क्षेत्र में उन अन्य वाहन चालकों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन फर्जी फास्टैग का इस्तेमाल किया था।