Lucknow में फर्जी फास्टैग से टोल चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, STF ने 2 आरोपियों को दबोचा

Lucknow: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने राजधानी लखनऊ में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी फास्टैग के जरिए टोल टैक्स की चोरी करा रहा था। एसटीएफ ने बुधवार दोपहर पॉलीटेक्निक चौराहे से इस रैकेट के दो

Lucknow: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने राजधानी लखनऊ में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी फास्टैग के जरिए टोल टैक्स की चोरी करा रहा था। एसटीएफ ने बुधवार दोपहर पॉलीटेक्निक चौराहे से इस रैकेट के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के दम पर फास्टैग जारी किए थे ताकि गाड़ियां बिना टोल दिए हाईवे पर निकल सकें।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सीतापुर के खैराबाद निवासी अनंत राम राठौर और नकीब खान के रूप में हुई है। नकीब खान इंडसइंड बैंक का एजेंट था और उसने सीतापुर के खैराबाद टोल प्लाजा के पास अपनी पंचर की दुकान से यह खेल शुरू किया था। अनंत राम राठौर ने ही नकीब को बैंक का एजेंट बनवाया था। पुलिस के मुताबिक, ये लोग हर एक फर्जी फास्टैग बनाने के बदले 5,000 रुपये कमीशन लेते थे।

इस गिरोह की कार्यप्रणाली काफी शातिर थी। ये लोग उन गाड़ियों के नंबरों का इस्तेमाल करते थे जो या तो एक्सीडेंट में पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थीं या जिन्हें बदल दिया गया था। फर्जी आरसी और केवाईसी दस्तावेजों के आधार पर फास्टैग जारी किए जाते थे, जिससे न केवल टोल टैक्स की चोरी होती थी बल्कि ऑनलाइन चालान से भी बचा जा सकता था। इस धोखाधड़ी की वजह से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।

विवरण जानकारी
गिरफ्तार आरोपी अनंत राम राठौर और नकीब खान
गिरफ्तारी की जगह पॉलीटेक्निक चौराहा, लखनऊ
फर्जी फास्टैग की कीमत 5,000 रुपये कमीशन
बरामद सामान 2 मोबाइल, 2 पैन कार्ड और 4,230 रुपये नगद
संबंधित बैंक IndusInd Bank
थाना क्षेत्र सरोजिनीनगर, लखनऊ

एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक सत्यसेन यादव ने बताया कि आरोपी फर्जी वाहन नंबरों का दुरुपयोग कर रहे थे। वहीं, एडीजी अमिताभ यश ने कहा कि इस मामले में और भी लोगों के शामिल होने की संभावना है और जांच जारी है। इस खुलासे के बाद बैंक का वह पोर्टल भी बंद कर दिया गया है जिसके जरिए यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि अब तक कितने फर्जी फास्टैग जारी किए गए और इसमें बैंक के अन्य कर्मचारियों की क्या भूमिका थी।