Lucknow में बंद कार में मिला दरोगा का शव, पोस्टमार्टम के बाद भी मौत की वजह साफ नहीं
Lucknow: राजधानी के गाजीपुर थाने में तैनात एक दरोगा की संदिग्ध मौत ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। दरोगा अजय कुमार का शव पारा इलाके में एक बंद सेंट्रो कार के अंदर मिला था। पोस्टमार्टम के बाद भी डॉक्टर यह नहीं बता पाए
Lucknow: राजधानी के गाजीपुर थाने में तैनात एक दरोगा की संदिग्ध मौत ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। दरोगा अजय कुमार का शव पारा इलाके में एक बंद सेंट्रो कार के अंदर मिला था। पोस्टमार्टम के बाद भी डॉक्टर यह नहीं बता पाए कि उनकी मौत कैसे हुई, जिसके बाद अब विसरा जांच का सहारा लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, 2020 बैच के उपनिरीक्षक अजय कुमार गाजीपुर थाने की सर्वोदय नगर चौकी पर तैनात थे। वह मूल रूप से हापुड़ जिले के रहने वाले थे। गुरुवार दोपहर से वह अपनी ड्यूटी से गायब थे और उनका फोन भी नहीं लग रहा था। जब पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की, तो उनकी कार मोहन रोड स्थित अर्श अस्पताल के पास खड़ी मिली। कार अंदर से लॉक थी और अजय ड्राइविंग सीट पर बेहोश हालत में थे। पुलिस ने वीडियोग्राफी कराने के बाद शीशा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल भेजा, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया गया कि वह करीब 24 से 48 घंटे से कार में ही थे, जिससे शरीर फूल गया था और चेहरा काला पड़ गया था। हालांकि शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले, लेकिन नाक और मुंह से खून बह रहा था। कार की तलाशी लेने पर अंदर से शराब की बोतलें, एक कैप और एक जांच रिपोर्ट बरामद हुई है। कार की चाबी ‘ऑन’ मोड में थी और गाड़ी अंदर से लॉक थी।
काकोरी एसीपी शकील अहमद ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में गुरुवार सुबह 11:12 बजे कार को झटके से रुकते देखा गया, लेकिन उसके बाद कोई भी गाड़ी के अंदर गया या बाहर आया, ऐसा नहीं दिखा। पुलिस अब इस मामले में हत्या, आत्महत्या और प्राकृतिक मौत जैसे सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित और पारा इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के अनुसार, शुरुआती तौर पर इसे हार्ट अटैक माना गया था, लेकिन अब हार्ट और विसरा की रिपोर्ट आने के बाद ही असल वजह साफ हो पाएगी। शव को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया है, जो उसे हापुड़ ले गए हैं।