Lucknow के श्री बंदी माता मंदिर में 44वें उत्सव की शुरुआत, भव्य कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

Lucknow: डालीगंज के पौराणिक श्री बंदी माता मंदिर में सोमवार से 44वें वार्षिक उत्सव का आगाज हो गया है। इस मौके पर एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और पूरी सड़क भक्तिमय हो

Lucknow: डालीगंज के पौराणिक श्री बंदी माता मंदिर में सोमवार से 44वें वार्षिक उत्सव का आगाज हो गया है। इस मौके पर एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और पूरी सड़क भक्तिमय हो गई। यह धार्मिक आयोजन 2 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिसमें कई बड़े आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस शोभायात्रा का नेतृत्व दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत देवेंद्र पुरीजी महाराज ने किया। वहीं, बीजेपी के लखनऊ महानगर महासचिव घनश्याम दास अग्रवाल ने उद्घाटन पूजा की। कार्यक्रम के दौरान महंत मनोहर पुरीजी महाराज और महंत पूजा पुरीजी महाराज ने आने वाले लोगों को चुनरी भेंट कर उनका स्वागत किया। महंत मनोहर पुरीजी ने सभी भक्तों से इस उत्सव को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

यह कलश यात्रा लगभग तीन किलोमीटर लंबी थी। यात्रा मंदिर से शुरू होकर अयोध्या मार्ग, डालीगंज ब्रिज, टैगोर मार्ग, मनकामेश्वर मंदिर, लम्बेश्वर मंदिर, जोशी टोला चौराहा और महर्षि वाल्मीकि आशीर्वाद मंडपम से होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंची। रास्ते भर स्थानीय लोगों ने फूलों की बारिश कर यात्रा का स्वागत किया।

श्री महंत देवेंद्रपुरी सेवा ट्रस्ट और श्री बंदी माता अखाड़ा कमेटी द्वारा आयोजित इस सात दिवसीय उत्सव में कई खास कार्यक्रम होंगे। इसमें सप्तचंडी महायज्ञ, श्रीमद् भागवत कथा, भजन संध्या, रासलीला और संतों का सम्मेलन शामिल है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए वृंदावन से कथावाचक रोली शास्त्री, भजन गायक राकेश लक्खा और रासलीला के कलाकार लखनऊ आएंगे। उत्सव के आखिरी दिन मानस सम्मेलन होगा और गोमती नदी सफाई अभियान में जुटे वॉलंटियर्स को सम्मानित किया जाएगा।