Lucknow में सावन को लेकर हाई अलर्ट, कांवड़ यात्रा के लिए ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी
Lucknow: राजधानी लखनऊ में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही शिवभक्तों और कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी किया है। 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चलने वाली इस
Lucknow: राजधानी लखनऊ में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही शिवभक्तों और कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी किया है। 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।
पुलिस प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के लिए ‘जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट’ का लक्ष्य रखा है। इसके लिए लखनऊ के मनकामेश्वर, बुद्धेश्वर, नागेश्वर महादेव और चंद्रिका देवी जैसे प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का सहारा लिया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कई नियम लागू किए हैं। कांवड़ मार्गों पर मांस और शराब की दुकानें बंद रहेंगी और डीजे के लिए 75 डेसिबल की ध्वनि सीमा तय की गई है। दिल्ली-देहरादून और मेरठ-लखनऊ-प्रयागराज जैसे नए एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों के जाने की मनाही है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| यात्रा की अवधि | 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 |
| मुख्य दिन | 7 अगस्त से 11 अगस्त 2026 |
| सावन शिवरात्रि | 11 अगस्त 2026 |
| कुल सुरक्षा बल | 35,000 पुलिसकर्मी, 151 PAC कंपनियां, 11 अर्धसैनिक कंपनियां |
| निगरानी उपकरण | 29,454 CCTV कैमरे और 395 ड्रोन (पूरे यूपी में) |
| कांवड़ ऊंचाई सीमा | अधिकतम 10 से 12 फीट |
| सत्यापन नियम | मार्ग से 70 किमी दायरे के होटल/ढाबा कर्मचारियों का वेरिफिकेशन अनिवार्य |
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं के सम्मान और सुरक्षा में कोई कमी न आए। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए मनकामेश्वर और बुद्धेश्वर मंदिर के आसपास के रास्तों पर डायवर्जन लागू किया गया है। घाटों पर सुरक्षा के लिए SDRF की टीमें तैनात रहेंगी और चिकित्सा शिविरों में एंटी-वेनम व एंटी-रेबीज जैसे जरूरी इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।