UP: लखनऊ के शारदा नगर इलाके में रहने वाले लोग बिजली की समस्या से बुरी तरह जूझ रहे हैं। यहाँ एक ट्रांसफार्मर पिछले एक साल से खराब पड़ा है, लेकिन शिकायतों के बाद भी विभाग ने इसे नहीं बदला। भीषण गर्मी के बीच बिजली की लुका-छ
UP: लखनऊ के शारदा नगर इलाके में रहने वाले लोग बिजली की समस्या से बुरी तरह जूझ रहे हैं। यहाँ एक ट्रांसफार्मर पिछले एक साल से खराब पड़ा है, लेकिन शिकायतों के बाद भी विभाग ने इसे नहीं बदला। भीषण गर्मी के बीच बिजली की लुका-छिपी ने स्थानीय निवासियों का जीना मुश्किल कर दिया है और लोग विभाग की लापरवाही से नाराज हैं।
शारदा नगर में बिजली की क्या स्थिति है?
शारदा नगर के निवासियों का आरोप है कि वे लंबे समय से खराब ट्रांसफार्मर की शिकायत कर रहे हैं, पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। हाल ही में 18 मई 2026 को रहीमाबाद फीडर में केबल फाल्ट की वजह से करीब 10 घंटे बिजली गुल रही। वहीं चन्द्रावल फीडर से जुड़े नटकुर समेत दो दर्जन गाँवों में भी पांच घंटे तक अंधेरा रहा, जिससे लोगों में काफी गुस्सा देखा गया।
लापरवाह अधिकारियों पर क्या होगी कार्रवाई?
यूपी पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी में बिजली आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों पर कार्रवाई होगी। 28 अप्रैल 2026 को एक मुख्य अभियंता समेत छह इंजीनियरों के खिलाफ चार्जशीट और निलंबन के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी तय हुआ है कि ट्रांसफार्मर खराब होने पर मरम्मत का खर्च संबंधित इंजीनियर से वसूला जाएगा।
शिकायत कहाँ करें और क्या हैं नए नियम?
बिजली से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विभाग ने निर्देश दिया है कि शिकायतों का निपटारा तुरंत किया जाए। इसके अलावा, लखनऊ नगर निगम और LESA ने फैसला लिया है कि अब ट्रांसफार्मरों को जमीन पर रखने के बजाय आरसीसी पिलरों पर 7 से 8 फीट ऊपर लगाया जाएगा ताकि जलभराव से होने वाले हादसों को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिजली की शिकायत के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर है?
उपभोक्ता बिजली आपूर्ति से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं, जहाँ शिकायत दर्ज होने के बाद फील्ड कर्मियों को भेजा जाता है।
ट्रांसफार्मर लगाने के नियमों में क्या बदलाव हुआ है?
लखनऊ नगर निगम और LESA ने अब ट्रांसफार्मरों को जमीन से 7 से 8 फीट ऊपर आरसीसी पिलरों पर लगाने का निर्णय लिया है ताकि जलभराव और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।