Lucknow को तोहफ़ा, जलभराव और सीवरेज की समस्या से 20 लाख लोगों को मिलेगी राहत
Lucknow: राजधानी लखनऊ के करीब 20 लाख लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर में लंबे समय से चल रही जलभराव और सीवरेज की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। गोमती नगर, आईटी कॉलेज और अलीगंज जैसे इलाकों में पानी की नि
Lucknow: राजधानी लखनऊ के करीब 20 लाख लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर में लंबे समय से चल रही जलभराव और सीवरेज की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। गोमती नगर, आईटी कॉलेज और अलीगंज जैसे इलाकों में पानी की निकासी के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू हो गया है ताकि बारिश के दौरान लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने गोमती नगर और गोमती नगर विस्तार में ड्रेनेज नेटवर्क को सुधारने के लिए 85 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की है। यह पूरा काम IIT रुड़की की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किया जा रहा है, जिससे नालियों की क्षमता बढ़ेगी और भारी बारिश में पानी जल्दी निकल सकेगा। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने खुद मौके पर जाकर काम का मुआयना किया और अधिकारियों को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर, अलीगंज इलाके में स्मार्ट सिटी और ग्रिड सड़क के काम की वजह से सीवर लाइनें टूट गई हैं, जिससे सड़कों पर गंदा पानी जमा हो रहा है। सीवर सफाई का जिम्मा संभालने वाली कंपनी SUEZ इंडिया ने इसकी जानकारी जलकल विभाग को दे दी है और विभाग ने जल्द मरम्मत का भरोसा दिया है।
नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि मॉनसून के दौरान जलभराव या गंदगी की स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पंपिंग स्टेशनों का ट्रायल करने और नालों की सफाई समय पर पूरी करने को कहा है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने विशेष रूप से रामनगर इलाके में नाला निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
विधायक डॉ. नीरज बोरा ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने नगर निगम, जलकल और SUEZ इंडिया के अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर नाला सफाई, सीवर लाइन और सड़क मरम्मत का काम तय समय में पूरा नहीं हुआ, तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि शहर की 1,300 से ज्यादा तूफानी नालियां गलत तरीके से सीवर लाइनों से जुड़ी हुई हैं, जो नियमों के खिलाफ है। अब इन नालियों को सीवर नेटवर्क से अलग कर मुख्य नालों से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पहले ही गोमती नदी में गिरने वाले सीवर को रोकने के लिए मोहल्ले-वार रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया था।