Lucknow में सातवें बड़े मंगल की धूम, जगह-जगह लगे भंडारे; नगर निगम ने दिए ‘जीरो वेस्ट’ के निर्देश

Lucknow: राजधानी लखनऊ में ज्येष्ठ माह का सातवां बड़ा मंगल बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर के हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और जगह-जगह भव्य भंडारों का आयोजन किया गया। इस साल अधिकमास की वजह से ज

Lucknow: राजधानी लखनऊ में ज्येष्ठ माह का सातवां बड़ा मंगल बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर के हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और जगह-जगह भव्य भंडारों का आयोजन किया गया। इस साल अधिकमास की वजह से ज्येष्ठ महीने में आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जिसके कारण भक्तों में दोगुना उत्साह देखा गया।

शहर के अलीगंज हनुमान मंदिर, हनुमान सेतु, हनुमत धाम, मौनी बाबा मंदिर, त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर, बालाजी मंदिर और पातालपुरी हनुमान मंदिर जैसे प्रमुख केंद्रों पर विशेष सजावट की गई। भक्तों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रसाद वितरित किया। माल इलाके में माल पुलिस स्टेशन के सामने एक बड़ा भंडारा आयोजित हुआ, जहां सुबह से शाम तक हजारों लोगों ने पूरी, सब्जी, बूंदी और ठंडे शरबत का प्रसाद लिया। पूरे शहर में ‘जय बजरंगबली’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा।

इस बार धार्मिक आयोजन के साथ-साथ पर्यावरण और सफाई पर भी खास जोर दिया गया। नगर निगम कमिश्नर गौरव कुमार और मेयर सुषमा खर्कवाल ने भंडारा आयोजकों से अपील की कि वे ‘जीरो वेस्ट भंडारा’ आयोजित करें। उन्होंने प्लास्टिक और थर्माकोल के इस्तेमाल को रोकने और उसकी जगह पारंपरिक पत्तलों और मिट्टी के कुल्हड़ों का उपयोग करने को कहा। साथ ही, सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए आयोजकों को 24 घंटे पहले नगर निगम को सूचना देने के निर्देश दिए गए थे।

प्रशासन ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए निर्धारित मानकों का पालन करने को कहा। मंत्री असीम अरुण ने ‘मंगलमन अभियान’ के जरिए सफाई और कचरा निपटान को बढ़ावा देने की बात कही ताकि यह एक स्थायी परंपरा बन सके। वहीं, लोक भारती और RSS पर्यावरण विभाग द्वारा शुरू किए गए ‘हरित बड़ा मंगल अभियान’ के तहत इको-फ्रेंडली भंडारों पर जोर दिया गया। पूर्व IAS डॉ. अनीता भटनागर जैन ने जिला प्रशासन से भंडारों के दौरान होने वाले ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने का आग्रह किया।

सातवें बड़े मंगल पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का भी विशेष महत्व रहा। अमृत काल सुबह 5:45 से 7:25 तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:50 से 12:45 तक और संध्या आरती शाम 6:30 से 7:45 तक रही।