UP : लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मी से अभद्रता का मामला सामने आया है। यहाँ एक यातायात उपनिरीक्षक (Traffic Sub-Inspector) के साथ बदतमीजी करने के आरोप में दो स्कूटी सवार युवकों और करीब
UP : लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मी से अभद्रता का मामला सामने आया है। यहाँ एक यातायात उपनिरीक्षक (Traffic Sub-Inspector) के साथ बदतमीजी करने के आरोप में दो स्कूटी सवार युवकों और करीब 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला और किसने दर्ज कराई रिपोर्ट
यह घटना 27 मई 2026 की है। यातायात उपनिरीक्षक Umesh Kumar ने सरोजनी नगर थाने में लिखित शिकायत दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दो स्कूटी सवार युवकों और उनके साथ मौजूद 20-25 अन्य लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और सरकारी काम में रुकावट पैदा की। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।
कौन सी धाराएं लगीं और क्या होगी सजा
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 221 के तहत केस दर्ज किया गया है। यह कानून किसी भी सरकारी कर्मचारी को उसके काम से रोकने या बाधा डालने पर लागू होता है। इस अपराध के लिए 3 महीने तक की जेल या 2,500 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। यह एक जमानती अपराध है जिसे किसी भी मजिस्ट्रेट की अदालत में सुना जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सरकारी काम में बाधा डालने पर अब कौन सी धारा लगती है?
पहले यह मामला IPC की धारा 186 के तहत आता था, लेकिन अब नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 221 के तहत दर्ज किया जाता है।
BNS की धारा 221 के तहत कितनी सजा का प्रावधान है?
इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 3 महीने की कैद या 2,500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजाएं मिल सकती हैं।