UP: लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित सरस्वती अपार्टमेंट में रविवार को एक बड़ी लापरवाही सामने आई। यहां ए-602 में रहने वाले रणविजय सिंह अपने डॉगी को घुमाकर वापस लौट रहे थे, तभी वह लिफ्ट में फंस गए। करीब 40 मिनट तक वह अंदर फ
UP: लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित सरस्वती अपार्टमेंट में रविवार को एक बड़ी लापरवाही सामने आई। यहां ए-602 में रहने वाले रणविजय सिंह अपने डॉगी को घुमाकर वापस लौट रहे थे, तभी वह लिफ्ट में फंस गए। करीब 40 मिनट तक वह अंदर फंसे रहे, लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया।
लिफ्ट में क्या हुआ और मेंटेनेंस कंपनी का क्या जवाब था?
रणविजय सिंह जब लिफ्ट में फंसे, तो उन्होंने मदद के लिए अलार्म बजाने की कोशिश की, लेकिन अलार्म नहीं बजा। उन्होंने गार्ड को भी ढूंढा, पर वहां कोई मौजूद नहीं था। जब इस मामले की शिकायत मेंटेनेंस कंपनी से की गई, तो उनका कहना था कि रविवार होने की वजह से वे मदद नहीं कर सके और इस समस्या को अगले दिन देखा जाएगा।
UP Lifts and Escalators Act 2024 के तहत क्या हैं नियम?
उत्तर प्रदेश सरकार ने लिफ्ट की सुरक्षा के लिए नया कानून बनाया है। इसके तहत हर लिफ्ट का Directorate of Electrical Safety में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। बिजली जाने या खराबी की स्थिति में यात्रियों को बचाने के लिए Automatic Rescue Devices (ARD) लगाना अनिवार्य है। साथ ही, बिल्डिंग मालिकों को साल में कम से कम दो बार इमरजेंसी ड्रिल करानी होगी ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया जा सके।
लापरवाही होने पर कहां करें शिकायत?
नियमों के मुताबिक, लिफ्ट की समय-समय पर सर्विसिंग और उसका लॉगबुक में रिकॉर्ड रखना जरूरी है। अगर लिफ्ट में कोई हादसा होता है, तो इसकी जानकारी 24 घंटे के भीतर अधिकारियों को देनी होगी। लोग ऐसी शिकायतों के लिए ADM ऑफिस में आवेदन कर सकते हैं और अगर कमियां दूर नहीं की जाती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लिफ्ट में फंसने पर शिकायत कहां की जा सकती है?
UP Lifts and Escalators Act 2024 के अनुसार, लिफ्ट हादसों या खराबी की शिकायत ADM (Assistant District Magistrate) ऑफिस में की जा सकती है। गंभीर लापरवाही पर FIR भी दर्ज कराई जा सकती है।
लिफ्ट सुरक्षा के लिए कौन सा डिवाइस अनिवार्य है?
सभी लिफ्ट में Automatic Rescue Devices (ARD) लगाना अनिवार्य है, ताकि बिजली कटने या तकनीकी खराबी आने पर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।