UP : लखनऊ में अखिल भारतीय साहित्य परिषद की दक्षिण इकाई ने एक खास संगोष्ठी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘संघ साहित्य : समग्र चिंतन प्रवाह’ रखा गया था। इसमें इस बात पर गहराई से चर्चा हुई कि साहित्य, समाज और दे
UP : लखनऊ में अखिल भारतीय साहित्य परिषद की दक्षिण इकाई ने एक खास संगोष्ठी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘संघ साहित्य : समग्र चिंतन प्रवाह’ रखा गया था। इसमें इस बात पर गहराई से चर्चा हुई कि साहित्य, समाज और देश को बनाने में किस तरह की भूमिका निभाते हैं।
इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य क्या था
इस कार्यक्रम का मकसद साहित्य और राष्ट्र निर्माण के बीच के गहरे संबंध को समझना था। वक्ताओं ने बताया कि किसी भी देश के पुनर्निर्माण में साहित्य एक मजबूत आधार की तरह काम करता है। लखनऊ में आयोजित इस चर्चा में साहित्य के जरिए समाज को सही दिशा देने और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया गया।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद के बारे में जानकारी
यह आयोजन अखिल भारतीय साहित्य परिषद की दक्षिण इकाई द्वारा किया गया। जानकारी के मुताबिक, अखिल भारतीय साहित्य परिषद भारतीय भाषाओं का एक देशव्यापी संगठन है। इसकी शुरुआत 27 अक्टूबर 1966 को दिल्ली में हुई थी और यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एक आनुषंगिक संगठन है।
कार्यक्रम की जरूरी बातें
- तारीख: 20 मई, 2026
- स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश
- विषय: संघ साहित्य : समग्र चिंतन प्रवाह
- आयोजक: अखिल भारतीय साहित्य परिषद (दक्षिण इकाई)
Frequently Asked Questions (FAQs)
अखिल भारतीय साहित्य परिषद क्या है?
यह भारतीय भाषाओं का एक देशव्यापी संगठन है जिसकी स्थापना 27 अक्टूबर 1966 को दिल्ली में हुई थी। यह RSS का एक आनुषंगिक संगठन है।
लखनऊ की संगोष्ठी में किस विषय पर चर्चा हुई?
इस संगोष्ठी का विषय ‘संघ साहित्य : समग्र चिंतन प्रवाह’ था, जिसमें साहित्य, समाज और राष्ट्र निर्माण के संबंधों पर विस्तार से बात की गई।