Lucknow: राजधानी के निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र द्वारा आयोजित 20 दिवसीय ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम’ का बुधवार को समापन हो गया। इस मौके पर स
Lucknow: राजधानी के निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र द्वारा आयोजित 20 दिवसीय ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम’ का बुधवार को समापन हो गया। इस मौके पर सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और बताया कि एक चरित्रवान और संगठित हिंदू समाज के जरिए ही भारत को दोबारा वैभवशाली बनाया जा सकता है।
प्रशिक्षण शिविर की मुख्य बातें क्या रहीं
यह प्रशिक्षण शिविर 22 मई 2026 से शुरू होकर 10 जून 2026 तक चला। इस कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अवध, कानपुर, काशी, गोरक्ष प्रांतों और नेपाल से कुल 289 शिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। शिविर के दौरान 4 जून को एक भव्य पथ संचलन निकाला गया और 9 जून को ‘कुटुंब सहभोज’ का आयोजन हुआ, जिसमें करीब 200 परिवारों ने शिक्षार्थियों के लिए भोजन पहुंचाया।
रामदत्त चक्रधर ने किन मुद्दों पर बात की
सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने 2026 को चार ऐतिहासिक वर्षगांठों का वर्ष बताया। उन्होंने कहा कि संघ अब केवल एक संगठन नहीं बल्कि एक वैचारिक आंदोलन बन चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि दुनिया भर में संघ के प्रति उत्सुकता बढ़ी है और एक महीने में 45,000 से ज्यादा लोगों ने ‘जॉइन आरएसएस’ के जरिए जुड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि छुआछूत जैसी बुराइयां बाहरी आक्रमणों के कारण आईं, भारतीय शास्त्रों में ऐसी विषमता नहीं है।
समारोह में कौन-कौन मौजूद रहा
समापन समारोह में पद्मश्री रामशरण वर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इनके अलावा क्षेत्र संघचालक कृष्ण मोहन, प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह और विभाग संघचालक अनिल जैन जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। रामदत्त चक्रधर ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश को सशक्त बनाने की शुरुआत हर परिवार के संस्कारों और विद्यार्थियों के सद्गुणों से होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
RSS का कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम लखनऊ में कब आयोजित हुआ?
यह प्रशिक्षण शिविर 22 मई 2026 से शुरू होकर 10 जून 2026 तक निराला नगर के सरस्वती कुंज में आयोजित किया गया था।
इस प्रशिक्षण शिविर में कुल कितने लोगों ने हिस्सा लिया?
इस वर्ग में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अवध, कानपुर, काशी, गोरक्ष प्रांतों और नेपाल से कुल 289 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।