Lucknow में सड़कों पर गंदगी और कीचड़ से लोग परेशान, बंगला बाजार के इलाकों में चलना हुआ मुश्किल
Lucknow: राजधानी लखनऊ के बंगला बाजार इलाके की भद्रुख कॉलोनी में गंदगी और कीचड़ की वजह से लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। बारिश के बाद सड़कों से सिल्ट (कीचड़) नहीं हटाई गई, जिससे पूरी सड़क गंदी हो गई है। हालात इतने
Lucknow: राजधानी लखनऊ के बंगला बाजार इलाके की भद्रुख कॉलोनी में गंदगी और कीचड़ की वजह से लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। बारिश के बाद सड़कों से सिल्ट (कीचड़) नहीं हटाई गई, जिससे पूरी सड़क गंदी हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि स्थानीय निवासियों को अपने घरों के आगे रैंप बनाने पड़े हैं ताकि गंदा पानी और कीचड़ उनके कमरों के अंदर न घुसे।
शहर के अन्य हिस्सों में भी सड़क बुनियादी ढांचे की समस्या बनी हुई है। कानपुर-लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से खराब होने के बाद NHAI ने सख्त कदम उठाए हैं। NHAI ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर को सस्पेंड कर दिया है और इंजीनियरिंग टीम लीडर को कंपनी के कामों से बाहर कर दिया है। साथ ही निर्माण कंपनी PNC Infratech को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एक्सप्रेसवे की खराब हालत पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने सड़क सुखाने के लिए पंखों के इस्तेमाल का वीडियो साझा कर निर्माण की गुणवत्ता की आलोचना की। वहीं PNC Infratech ने तकनीकी खामी से इनकार करते हुए कहा कि भारी बारिश और जलजमाव की वजह से सड़क को नुकसान पहुँचा है और कंपनी मरम्मत का पूरा खर्च उठाएगी।
सफाई व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियम 2026 अब प्रभावी हो चुके हैं। इन नियमों के तहत कचरे को चार अलग-अलग हिस्सों (गीला, सूखा, सैनिटरी और स्पेशल केयर वेस्ट) में बांटना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के लिए स्पष्ट गाइडलाइन्स बनाई जाएं।
लखनऊ नगर निगम (LMC) ने साल 2026-27 के बजट में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए करीब 300 करोड़ रुपये और सड़क निर्माण व मरम्मत के लिए 271 करोड़ रुपये रखे हैं। हालांकि, नाला सफाई के लिए केवल 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि शहर में जलजमाव की समस्या लगातार बनी रहती है।