UP: लखनऊ के मरीजों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के नए कैंपस में 1010 बेड वाले मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल
UP: लखनऊ के मरीजों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के नए कैंपस में 1010 बेड वाले मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने 855 करोड़ 4 लाख 34 हजार रुपये का बजट पास किया है।
नए अस्पताल में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
यह आधुनिक अस्पताल शहीद पथ पर करीब 20 एकड़ जमीन पर बनेगा, जो मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के सामने स्थित है। यहाँ मरीजों के लिए हाईटेक ICU, मॉडुलर ऑपरेशन थिएटर, सुपर-स्पेशियलिटी वार्ड और आधुनिक इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, मरीजों को आसानी से एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग ले जाने के लिए मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल और नए अस्पताल के बीच एक ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा।
इलाज और पढ़ाई पर क्या असर पड़ेगा?
इस नए कैंपस के बनने से पुराने कैंपस में भीड़ कम होगी और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ज्यादा बेड उपलब्ध हो सकेंगे। इलाज के साथ-साथ यहाँ मेडिकल शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि अस्पताल के साथ 200 सीटों वाला एक टीचिंग ब्लॉक और नया OPD ब्लॉक भी बनाया जाएगा। शहीद पथ कैंपस में पहले से ही हॉस्टल मौजूद हैं, जिससे छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टर्स को पढ़ाई और ट्रेनिंग में आसानी होगी।
निर्माण और समय सीमा क्या है?
RMLIMS के डायरेक्टर प्रोफेसर सीएम सिंह के मुताबिक, अस्पताल के निर्माण के लिए टेंडर और अन्य जरूरी कागजी काम पूरे हो चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इस पूरे प्रोजेक्ट को अगले दो साल के भीतर पूरा कर लिया जाए। मरीजों की सुविधा के लिए पुराने और नए दोनों कैंपस में अलग-अलग इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी ताकि किसी को परेशानी न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नया अस्पताल कहाँ बनेगा और इसमें कितने बेड होंगे?
यह अस्पताल लखनऊ के शहीद पथ पर 20 एकड़ जमीन पर बनेगा। इसमें कुल 1010 बेड की क्षमता होगी, जिससे गंभीर मरीजों का हाईटेक इलाज हो सकेगा।
इस प्रोजेक्ट पर कुल कितना खर्च आएगा और इसे कब तक पूरा किया जाएगा?
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 855 करोड़ 4 लाख 34 हजार रुपये मंजूर किए हैं। निर्माण कार्य को दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।