UP : लखनऊ के चिनहट इलाके में रहने वाले एक रिटायर्ड कर्मचारी को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया है। जालसाजों ने शेयर बाजार में निवेश कर 2 करोड़ रुपये कमाने का लालच दिया और उनसे 92.50 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने पुलिस में श
UP : लखनऊ के चिनहट इलाके में रहने वाले एक रिटायर्ड कर्मचारी को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया है। जालसाजों ने शेयर बाजार में निवेश कर 2 करोड़ रुपये कमाने का लालच दिया और उनसे 92.50 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद चिनहट पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कैसे हुई यह धोखाधड़ी
मंडी परिषद के रिटायर्ड कंप्यूटर ऑपरेटर दिनेश कुमार शर्मा को ठगों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा था। वहां उन्हें शेयर बाजार से भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। विश्वास जीतने के बाद ठगों ने उनसे अलग-अलग किस्तों में पैसे जमा करवाए। जब मुनाफा नहीं मिला और पीड़ित ने पैसे मांगे, तो ठगों ने और पैसों की मांग की और फिर अपना मोबाइल नंबर बंद कर फरार हो गए।
सेबी के नियम और बचाव के तरीके
निवेशकों को ऐसे फ्रॉड से बचाने के लिए SEBI ने कई कदम उठाए हैं। 1 जनवरी 2024 से ASBA (एप्लीकेशन सपोर्टेड बाई ब्लॉक्ड अमाउंट) नियम का विस्तार किया गया है, जिससे शेयरों का आवंटन होने पर ही खाते से पैसे कटते हैं। इसके अलावा, 15 अप्रैल 2026 को SEBI ने FIU-इंडिया के साथ एक समझौता किया है ताकि वित्तीय बाजारों की निगरानी और धोखाधड़ी विरोधी उपायों को मजबूत किया जा सके।
साइबर ठगी होने पर क्या करें
- तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें।
- साइबर सेल की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या लिंक के जरिए निवेश न करें।
दिया हुआ जानकारी बस Expert की राय है, शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।, Disclaimer: Stock market investments can be risky, please consult your financial advisor.
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर फ्रॉड की शिकायत कहां और कैसे करें?
साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या भारत सरकार की साइबर सेल वेबसाइट पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराएं।
SEBI का ASBA नियम क्या है?
ASBA का मतलब एप्लीकेशन सपोर्टेड बाई ब्लॉक्ड अमाउंट है। इस नियम के तहत शेयर अलॉट होने पर ही निवेशक के बैंक खाते से पैसे कटते हैं, जिससे धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है।