UP: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों के लिए मौसम की सटीक जानकारी अब और आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 8 जून 2026 को लखनऊ में नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) का
UP: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों के लिए मौसम की सटीक जानकारी अब और आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 8 जून 2026 को लखनऊ में नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) का उद्घाटन किया। इस केंद्र का मुख्य मकसद मौसम की सटीक भविष्यवाणी करना और आपदा आने से पहले लोगों को समय पर चेतावनी देना है ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
इस नए केंद्र से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
लखनऊ के इस नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र से अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम की निगरानी ज्यादा बेहतर तरीके से होगी। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि आपदा आने से करीब 3 घंटे पहले लोगों के मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजा जाएगा। इससे भारी बारिश, आंधी या तूफान जैसी स्थितियों में लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ऐसी चेतावनी प्रणाली से पहले भी सहारनपुर जैसे इलाकों में कई लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
मौसम की सटीक जानकारी के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
राज्य में मौसम की बारीकी से निगरानी के लिए कई आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। यूपी में 450 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और 2000 वर्षामापी यंत्र लगाए गए हैं। साथ ही आजमगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ में एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार लगाए जा रहे हैं, जो ओलावृष्टि और भारी बारिश की सटीक जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब अपना खुद का सैटेलाइट चाहती है, जिसके लिए इसरो (ISRO) से बात की गई है।
देश और राज्य में मौसम रडार का विस्तार
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत में मौसम की चेतावनी देने वाले सिस्टम में बड़ा सुधार हुआ है। साल 2014 में पूरे देश में सिर्फ 17 डॉप्लर रडार थे, जो अब बढ़कर 50 हो गए हैं और अगले दो साल में इनकी संख्या 100 तक पहुंच जाएगी। अकेले उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहाँ रडारों की संख्या 1 से बढ़कर 3 हो गई है और जल्द ही 6 और नए रडार लगाए जाएंगे। इसके अलावा बिजली गिरने की चेतावनी देने वाले सेंसर भी लगाए गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नया मौसम केंद्र किन राज्यों के लिए काम करेगा?
लखनऊ में खुला यह क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों के लिए मौसम की निगरानी और पूर्वानुमान का काम करेगा।
आपदा की चेतावनी मोबाइल पर कब मिलेगी?
अत्याधुनिक चेतावनी प्रणाली के जरिए किसी भी संभावित आपदा से लगभग 3 घंटे पहले नागरिकों के मोबाइल फोन पर अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा।