Lucknow बना देश का पांचवां सबसे वॉकेबल शहर, पैदल चलने वालों के लिए बेंगलुरु रहा टॉप पर

Lucknow: लखनऊ के लिए एक अच्छी खबर आई है। न्यूरल सिटी द्वारा जारी ‘स्टेट ऑफ इंडियन स्ट्रीट्स रिपोर्ट-2026’ में लखनऊ को भारत के सबसे पैदल चलने योग्य (वॉकेबल) शहरों की लिस्ट में पांचवां स्थान मिला है। इस रिपोर्ट

Lucknow: लखनऊ के लिए एक अच्छी खबर आई है। न्यूरल सिटी द्वारा जारी ‘स्टेट ऑफ इंडियन स्ट्रीट्स रिपोर्ट-2026’ में लखनऊ को भारत के सबसे पैदल चलने योग्य (वॉकेबल) शहरों की लिस्ट में पांचवां स्थान मिला है। इस रिपोर्ट में शहर की सड़कों का मूल्यांकन किया गया है, जिसमें लखनऊ ने अपनी बेहतर स्थिति दर्ज कराई है।

रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ को 100 में से 48.4 का ओवरऑल स्कोर मिला है, जबकि इसका वॉकेबिलिटी स्कोर 43.8 रहा है। इस लिस्ट में बेंगलुरु 49.2 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। वहीं, देश की राजधानी दिल्ली 46.3 अंकों के साथ नौवें स्थान पर रही है। यह पूरी रिपोर्ट स्वचालित सड़क मूल्यांकन के आधार पर तैयार की गई है।

शहर को बेहतर बनाने के लिए लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (LDA) नेशनल और यूपी की टीओडी पॉलिसी के तहत काम कर रही है। इसका मकसद मेट्रो और बस जैसे ट्रांजिट नोड्स के पास ऐसी सुविधाएं विकसित करना है जिससे लोग पैदल चल सकें, साइकिल का इस्तेमाल करें और सार्वजनिक परिवहन से आसानी से जुड़ सकें। आवास बंधु के विशेषज्ञ अनूप कुमार श्रीवास्तव ने भी प्रदूषण कम करने के लिए पैदल चलने वालों के अनुकूल बुनियादी ढांचे की जरूरत बताई है।

शहर के बुनियादी ढांचे में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं। लखनऊ स्मार्ट सिटी परियोजना ने 6 जुलाई 2026 को अपने चौथे चरण का काम पूरा कर लिया है। साथ ही, जुलाई 2026 में लखनऊ मेट्रो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का काम शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें पैदल चलने वालों और साइकिल चलाने वालों के लिए खास इंतजाम होंगे। 13 जुलाई 2026 को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होगा और इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर 108 करोड़ रुपये की लागत से चार-लेन फ्लाईओवर बनेगा, जिससे ट्रैफिक कम होगा।

एलडीए ने शहर की सूरत बदलने के लिए भारी बजट भी रखा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 5,148 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है, जिसमें ग्रीन कॉरिडोर के लिए 400 करोड़ और पार्कों के लिए 60 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में स्ट्रीट लाइटिंग, जल निकासी और पार्कों के लिए 195 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई है ताकि आम लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थान मिल सकें।