UP: लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में 1 जून से 9 जून 2026 तक भव्य श्रीराम कथा का आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यक्रम के लिए आयोजन समिति के संरक्षक और विधायक डॉ. नीरज बोरा के नेतृत्व में एक टीम ने मुख्यमंत्री
UP: लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में 1 जून से 9 जून 2026 तक भव्य श्रीराम कथा का आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यक्रम के लिए आयोजन समिति के संरक्षक और विधायक डॉ. नीरज बोरा के नेतृत्व में एक टीम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्हें निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कथा के पोस्टर का विमोचन भी किया और कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
कथा का समय और आयोजन स्थल क्या है
यह नौ दिवसीय श्रीराम कथा सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में आयोजित होगी। कथा का समय प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक तय किया गया है। हालांकि, आखिरी दिन यानी 9 जून को कार्यक्रम का समय अलग रहेगा और कथा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। पूज्यपाद पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज इस कथा का वाचन करेंगे।
मंच की खासियत और श्रद्धालुओं के लिए क्या इंतजाम हैं
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण इसका मंच होगा, जिसे अयोध्या के श्रीराम मंदिर की नकल (मॉडल) के रूप में बनाया जा रहा है। इसके लिए पश्चिम बंगाल से खास कारीगर बुलाए गए हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नगर निगम, जलकल और बिजली विभाग के साथ बैठकें की गई हैं। पार्किंग, पीने के पानी, रोशनी और बैठने की व्यापक व्यवस्था की जा रही है ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो।
कथा के दौरान कौन से प्रसंग पढ़े जाएंगे
कथा की शुरुआत पहले दिन कलश यात्रा, गुरु वंदना और भारद्वाज-याज्ञवल्क्य मिलन जैसे प्रसंगों से होगी। पूरे नौ दिनों तक रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। समापन दिवस 9 जून को लंकादहन, अयोध्या आगमन और श्रीराम राज्याभिषेक उत्सव मनाया जाएगा, जिसके बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में श्रीराम कथा कब से कब तक होगी और समय क्या है?
श्रीराम कथा 1 जून से 9 जून 2026 तक चलेगी। प्रतिदिन कथा शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक होगी, लेकिन 9 जून को यह सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी।
कथा का आयोजन लखनऊ में कहाँ किया जा रहा है?
यह आयोजन सीतापुर रोड स्थित ‘बृज की रसोई’ परिसर में किया जा रहा है, जहाँ मंच को अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तरह बनाया जा रहा है।