UP: लखनऊ के रहीमाबाद इलाके में ज्येष्ठ मास के पांचवें बड़े मंगलवार को भक्ति और श्रद्धा का माहौल रहा। इस मौके पर क्षेत्र में कई जगह भंडारे आयोजित किए गए, जहां हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भतोइया गांव में ‘हरे
UP: लखनऊ के रहीमाबाद इलाके में ज्येष्ठ मास के पांचवें बड़े मंगलवार को भक्ति और श्रद्धा का माहौल रहा। इस मौके पर क्षेत्र में कई जगह भंडारे आयोजित किए गए, जहां हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भतोइया गांव में ‘हरे राम श्री राम’ संस्था द्वारा विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने हनुमान जी की पूजा कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
बड़े मंगल 2026 का विशेष महत्व क्या है
इस साल अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) की वजह से 19 साल बाद कुल आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं। 2 जून 2026 को ज्येष्ठ मास का पांचवां बड़ा मंगलवार मनाया गया, जिसे स्थानीय भाषा में ‘बुढ़वा मंगल’ भी कहते हैं। ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई से हुई थी जो 29 जून तक चलेगा, जबकि 17 मई से 15 जून तक अधिकमास का समय रहेगा।
लखनऊ पुलिस और प्रशासन के क्या नियम रहे
भीड़ को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने भंडारों और धार्मिक आयोजनों के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया था। शहर में 21 मई से 19 जुलाई 2026 तक धारा 144 लागू है, इसलिए 5 या उससे ज्यादा लोगों के समूह या जुलूस के लिए पूर्व अनुमति जरूरी थी। इसके अलावा, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पाबंदी लगाई गई थी।
ट्रैफिक और सफाई की क्या व्यवस्था रही
पांचवें बड़े मंगल के दिन लखनऊ पुलिस ने शहर के 17 मुख्य स्थानों पर ट्रैफिक रूट बदला था ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में दिक्कत न हो। पुलिस ने आयोजकों को निर्देश दिए थे कि वाहन निर्धारित पार्किंग में ही खड़े करें। वहीं, नगर निगम ने स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए पंजीकरण की व्यवस्था रखी थी ताकि भंडारों के बाद गंदगी न फैले।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बड़े मंगल पर भंडारा लगाने के लिए क्या नियम थे?
आयोजकों को लखनऊ पुलिस से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य था। साथ ही धारा 144 के नियमों का पालन करना था और रात 12 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग वर्जित था।
वर्ष 2026 में कितने बड़े मंगल पड़ रहे हैं?
अधिकमास के कारण इस वर्ष कुल आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं, ऐसा संयोग 19 साल बाद बना है।