Lucknow में बारिश के बीच सड़क निर्माण शुरू, स्थानीय लोग बोले- खराब होगी क्वालिटी, CM से करेंगे शिकायत
Lucknow: राजधानी के इस्माइलगंज सेकंड वार्ड में बारिश के मौसम में सड़क बनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रांतीय खंड PWD ने फैजाबाद रोड से रजत डिग्री कॉलेज तक जाने वाली सड़क का काम सोमवार, 27 जुलाई 2026 से शुरू कर दिया
Lucknow: राजधानी के इस्माइलगंज सेकंड वार्ड में बारिश के मौसम में सड़क बनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रांतीय खंड PWD ने फैजाबाद रोड से रजत डिग्री कॉलेज तक जाने वाली सड़क का काम सोमवार, 27 जुलाई 2026 से शुरू कर दिया है। स्थानीय लोग इस बात से नाराज हैं कि जब शहर में रोजाना बारिश हो रही है, तब सड़क का निर्माण क्यों किया जा रहा है।
इस सड़क के निर्माण के लिए 33 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट का टेंडर नवंबर 2025 में जारी हुआ था और मार्च 2026 में काम आवंटित किया गया था। करीब दो महीने पहले भी स्थानीय निवासियों ने काम में देरी को लेकर विरोध जताया था, लेकिन अब जब काम शुरू हुआ है तो समय को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इलाके के निवासी सूर्य कांत सिंह, सुरेंद्र वर्मा, के.पी. शुक्ला और पूर्व पार्षद रुद्र प्रताप सिंह समेत कई लोगों का कहना है कि बारिश में सड़क बनाने से उसकी क्वालिटी खराब होगी। यह सड़क करीब दो दर्जन बस्तियों को जोड़ती है और पहले से ही गड्ढों की समस्या से जूझ रही थी। लोगों का मानना है कि यह निर्माण मानकों के खिलाफ है और वे इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करने की तैयारी में हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश के पीडब्ल्यूडी ने मई 2026 में टिकाऊपन बढ़ाने के लिए डामर की जगह सीमेंट-कंक्रीट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए थे। हालांकि, प्रदेश में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल पहले भी उठते रहे हैं। हाल ही में 13 जुलाई को शुरू हुए कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे में भी बारिश के कारण दरारें आने और धंसने की खबरें आई हैं, जिसके बाद विपक्ष ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
वर्तमान में लखनऊ समेत यूपी के कई जिलों में भारी बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों को डर है कि गलत समय पर शुरू हुए इस काम की वजह से सड़क जल्द ही फिर से टूट जाएगी और सरकारी धन की बर्बादी होगी।