UP : लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में एक बिल्डर द्वारा प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। एक महिला के साथ हुई इस धोखाधड़ी में करीब 10.95 लाख रुपये लिए गए, लेकिन प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। पी
UP : लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में एक बिल्डर द्वारा प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। एक महिला के साथ हुई इस धोखाधड़ी में करीब 10.95 लाख रुपये लिए गए, लेकिन प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। पीड़िता की शिकायत पर अब अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
बिल्डर ने कैसे की धोखाधड़ी?
पीड़ित महिला ने गोमतीनगर स्थित एक बिल्डर से प्लॉट दिलाने के लिए संपर्क किया था। आरोप है कि बिल्डर, उसकी कंपनी के निदेशकों, पार्टनरों और एजेंटों ने मिलकर महिला से कुल 10.95 लाख रुपये ले लिए। पैसे लेने के बाद भी पीड़िता को प्लॉट का पंजीकरण नहीं कराया गया और न ही उसकी रकम वापस की गई।
कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
जब बिल्डर ने पैसे वापस नहीं किए और प्लॉट भी नहीं दिलाया, तो पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में प्रार्थना पत्र देने के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद पुलिस ने कंपनी के निदेशकों, पार्टनरों और संबंधित एजेंटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ के इस प्रॉपर्टी फ्रॉड मामले में कितनी ठगी हुई है?
इस मामले में एक महिला से प्लॉट दिलाने के नाम पर कुल 10.95 लाख रुपये हड़पे गए, जिसकी शिकायत के बाद अब कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई है।
कोर्ट ने किन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है?
अदालत ने गोमतीनगर स्थित बिल्डर कंपनी के निदेशकों (Directors), पार्टनरों और एजेंटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।