UP: लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में 27 मई को एक प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर नकाबपोश थे और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। संदीप अपने परिवार के साथ वृंदावन योजना में रहते थ
UP: लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में 27 मई को एक प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर नकाबपोश थे और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। संदीप अपने परिवार के साथ वृंदावन योजना में रहते थे और उनका मोहनलालगंज में प्लॉटिंग का कारोबार था। इस घटना के बाद परिवार में मातम छाया है और बच्चे अपने पिता को खोने के गम में डूबे हैं।
कैसे हुई वारदात और क्या दिखा CCTV में
यह घटना 27 मई 2026 को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच कल्ली पश्चिम इलाके में हुई। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि बिना नंबर की Apache बाइक पर दो नकाबपोश बदमाश आए थे। पीछे बैठे हमलावर ने संदीप सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उनके सिर, सीने और पेट में गोलियां लगीं। संदीप को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस की जांच और अब तक की कार्रवाई
डीसीपी दक्षिण अमित कुमार आनंद ने घटनास्थल का मुआयना किया है। पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए पांच अलग-अलग टीमें बनाई हैं और सर्विलांस की मदद ले रही है। पुलिस घटनास्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में लगे सभी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में इसे टारगेट किलिंग माना जा रहा है। पुलिस जमीन विवाद, पुराने लेनदेन और आपसी दुश्मनी जैसे सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
परिवार का दर्द और पुलिस की चुनौती
संदीप सिंह अपने बेटे सार्थक को IPS अफसर और बेटी शिवि को डॉक्टर बनाना चाहते थे। पीजीआई ट्रामा सेंटर में पत्नी प्रीति और बच्चों का दर्द देखकर हर कोई भावुक हो गया। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों का रास्ता पता करना है, क्योंकि वहां से कानपुर रोड, शहीद पथ और रायबरेली रोड जैसे कई रास्ते निकलते हैं। पुलिस संदीप के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
संदीप सिंह कौन थे और वह कहां रहते थे?
संदीप सिंह एक प्रॉपर्टी डीलर थे जो मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले थे। वह लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर तीन में किराए पर रहते थे और मोहनलालगंज में उनका प्लॉटिंग का कारोबार था।
पुलिस इस मामले में अब तक क्या कदम उठा चुकी है?
पुलिस ने राजफाश के लिए पांच टीमों का गठन किया है और घटनास्थल के 5 किमी दायरे के सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं। मामला टारगेट किलिंग का लग रहा है, इसलिए लेनदेन और पुरानी दुश्मनी की जांच की जा रही है।