Lucknow में मरीज की मौत पर निजी अस्पताल में हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
Lucknow/Lucknow: लखनऊ के जानकीपुरम स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड
Lucknow/Lucknow: लखनऊ के जानकीपुरम स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी, जिससे इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
मृतक की पहचान 25 वर्षीय शिवाजी पांडेय के रूप में हुई है, जो सीतापुर के गरौली गांव के निवासी थे और लखनऊ के अलीगंज में एक आइस पार्लर में सेल्स मैनेजर थे। शिवाजी 27 जुलाई की रात एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके दाहिने हाथ में गहरी चोटें आई थीं और हड्डियां टूट गई थीं। परिजनों का कहना है कि उन्हें पहले सरकारी अस्पताल और फिर केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन वहां सही इलाज नहीं मिला। इसके बाद बुधवार शाम उन्हें सैन्योर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल ने भर्ती और ऑपरेशन के नाम पर करीब 2 लाख रुपये जमा कराए, लेकिन इलाज में लापरवाही बरती गई। परिजनों का दावा है कि अस्पताल ने 6 यूनिट खून और 4 यूनिट प्लाज्मा चढ़ाने की बात कही थी, लेकिन सिर्फ 2 यूनिट खून चढ़ाने के बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया गया। विरोध के दौरान अस्पताल कर्मियों द्वारा मारपीट और पहली मंजिल से पथराव किए जाने के आरोप भी लगे हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतक का नाम | शिवाजी पांडेय (25 वर्ष) |
| अस्पताल का नाम | सैन्योर हॉस्पिटल, जानकीपुरम |
| घटना की तारीख | 30 जुलाई, 2026 |
| परिजनों के आरोप | इलाज में लापरवाही और पैसों की वसूली |
| अस्पताल का पक्ष | इन्फेक्शन और हार्ट ब्लॉक से मौत |
| पुलिस कार्रवाई | सीएमओ को जांच के लिए पत्र भेजा गया |
दूसरी ओर, सैन्योर हॉस्पिटल के पीआरओ जी.एस. तिवारी ने इन आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि मरीज की मौत हाथ के इन्फेक्शन के शरीर में फैलने और हार्ट ब्लॉक होने की वजह से हुई। अस्पताल ने दावा किया कि उन्होंने शुरुआती इलाज किया था और सर्जरी की सलाह दी थी। प्रबंधन ने यह भी बताया कि इलाज के लिए जमा किए गए 65,000 रुपये वापस कर दिए गए हैं और हंगामे में उनके दो स्टाफ सदस्य घायल हुए हैं।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मड़ियांव इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा के अनुसार, मामले की पूरी जांच के लिए सीएमओ को पत्र लिखा जा रहा है और उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।