UP : लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही और पैसों की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। सीतापुर के रहने वाले एक दिव्यांग व्यक्ति शाबान अली ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मदद मांगी है। आरोप है कि अस्पताल न
UP : लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही और पैसों की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। सीतापुर के रहने वाले एक दिव्यांग व्यक्ति शाबान अली ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मदद मांगी है। आरोप है कि अस्पताल ने उनसे 3 लाख रुपये ले लिए, लेकिन सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। अब मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
शाबान अली ने क्या शिकायत की है?
सीतापुर निवासी दिव्यांग शाबान अली ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल ने इलाज के नाम पर उनसे 3 लाख रुपये वसूल किए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
लखनऊ के अस्पतालों में लापरवाही के अन्य मामले
लखनऊ में पिछले कुछ समय में निजी अस्पतालों की मनमानी की कई खबरें आई हैं। जून 2026 में ही दुबग्गा के नोवो अस्पताल पर किडनी निकालने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगा था। वहीं, किसान अस्पताल पर बिना रजिस्ट्रेशन चलने और एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया था। इसके अलावा गुडंबा के न्यू देवा हॉस्पिटल में गलत खून चढ़ाने से एक महिला की मौत की खबर भी आई थी।
सरकार और प्रशासन की क्या है प्रतिक्रिया?
उत्तर प्रदेश सरकार अस्पतालों की लापरवाही पर सख्त रुख अपना रही है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर कई लापरवाह डॉक्टरों को हटाया गया है। आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वाले 200 से ज्यादा अस्पतालों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। प्रशासन अब ऐसे अस्पतालों पर नजर रख रहा है जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शाबान अली ने अस्पताल पर क्या आरोप लगाए हैं?
शाबान अली ने आरोप लगाया है कि लखनऊ के एक निजी अस्पताल ने उनसे 3 लाख रुपये वसूले, लेकिन इलाज में लापरवाही बरती और उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
मुख्यमंत्री कार्यालय ने शाबान अली के प्रार्थना पत्र का संज्ञान लिया है और इस पूरे मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।