UP : लखनऊ के आलमबाग इलाके में बिजली की समस्या को लेकर लोग बेहद गुस्से में हैं। गुरुनानक नगर में ट्रांसफार्मर के पास देर रात स्थानीय निवासियों ने सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया। ओल्ड पावर हाउस क्षेत्र में खंभे टूटने और पेड़
UP : लखनऊ के आलमबाग इलाके में बिजली की समस्या को लेकर लोग बेहद गुस्से में हैं। गुरुनानक नगर में ट्रांसफार्मर के पास देर रात स्थानीय निवासियों ने सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया। ओल्ड पावर हाउस क्षेत्र में खंभे टूटने और पेड़ गिरने की वजह से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आलमबाग में क्यों हुआ हंगामा और क्या है स्थिति?
गुरुनानक नगर के लोगों ने बिजली की कटौती और खराब व्यवस्था के विरोध में सड़क जाम कर दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद भीड़ को शांत कराया और रास्ता खुलवाया। बताया जा रहा है कि ओल्ड पावर हाउस क्षेत्र में पोल टूटने की वजह से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे इस इलाके में करीब 72 घंटे तक बिजली गुल रहने की आशंका है।
लखनऊ में बिजली संकट के अन्य कारण
शहर के अन्य हिस्सों में भी बिजली की किल्लत देखी जा रही है। बसमंडी का GTI सब-स्टेशन 30 मई की शाम को खराब हो गया था, जिससे गणेशगंज, पान डरीबा और लालकुआं जैसे इलाकों के करीब 40 हजार लोग बिना बिजली और पानी के रहे। भीषण गर्मी और हीटवेव की वजह से लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर फेल होने और केबल खराब होने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
UPPCL का नया सरचार्ज और सरकारी कदम
UPPCL ने ऐलान किया है कि जून 2026 के बिजली बिलों में 10% फ्यूल और पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) लगाया जाएगा, जो 1 जून से लागू होगा। वहीं, ऊर्जा मंत्री A.K. Sharma ने कहा है कि राज्य ने 31,804 MW की रिकॉर्ड डिमांड पूरी की है और तकनीकी कारणों से होने वाली कटौती को दूर करने की कोशिश की जा रही है। MVVNL ने संवेदनशील सब-स्टेशनों पर PAC बल तैनात किया है ताकि तोड़फोड़ को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आलमबाग के गुरुनानक नगर में प्रदर्शन क्यों हुआ?
बिजली की समस्या और ओल्ड पावर हाउस क्षेत्र में खंभे टूटने के कारण बिजली गुल होने से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
जून के बिजली बिल में बढ़ोतरी क्यों हो रही है?
UPPCL ने 1 जून 2026 से 10% फ्यूल और पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) लागू किया है, जो बिजली खरीद की वास्तविक लागत के आधार पर है।