UP : लखनऊ में मंगलवार को भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोग बुरी तरह परेशान हो गए। गुस्साए लोगों ने बिजलीघर (power house) पर धावा बोल दिया, जिससे वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी डरकर भाग निकले। स्थिति को संभालने के लिए
UP : लखनऊ में मंगलवार को भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोग बुरी तरह परेशान हो गए। गुस्साए लोगों ने बिजलीघर (power house) पर धावा बोल दिया, जिससे वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी डरकर भाग निकले। स्थिति को संभालने के लिए दो अलग-अलग थानों की पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।
पावर हाउस में हंगामा क्यों हुआ?
लखनऊ के कई इलाकों में बिजली की भारी कटौती हो रही थी, जिससे स्थानीय लोग काफी नाराज थे। मंगलवार, 19 मई 2026 को लोगों का सब्र टूट गया और वे विरोध प्रदर्शन करने बिजलीघर पहुंच गए। वहां जमकर हंगामा हुआ और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बिजली विभाग के कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए परिसर छोड़ना पड़ा।
मुख्यमंत्री और सरकार के निर्देश क्या थे?
हैरानी की बात यह है कि इस घटना से ठीक दो दिन पहले, 17 मई को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने 19 से 21 मई के बीच पड़ने वाली भीषण हीटवेव को देखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा था। सरकार ने यह भी निर्देश दिया था कि फॉल्ट होने पर रिहायशी इलाकों में तुरंत बिजली बहाल की जाए।
बिजली कटौती रोकने के लिए क्या नियम बदले थे?
गर्मी के सीजन में लोगों को राहत देने के लिए Energy Minister A K Sharma ने 25 अप्रैल 2026 को बिजली काटने के नियमों में ढील दी थी। इसके तहत 1 kW तक के कनेक्शनों के लिए 30 दिन का ग्रेस पीरियड दिया गया था, ताकि बैलेंस कम होने पर अचानक बिजली न कटे। साथ ही, नए स्मार्ट मीटर लगाने के काम को भी तकनीकी रिपोर्ट आने तक अस्थाई रूप से रोक दिया गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बिजलीघर पर हमला क्यों हुआ?
19 मई 2026 को भीषण गर्मी के दौरान लगातार हो रही बिजली कटौती से नाराज स्थानीय निवासियों ने पावर हाउस पर धावा बोल दिया था।
सरकार ने बिजली कटौती रोकने के लिए क्या कदम उठाए थे?
CM योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को हीटवेव के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए थे और सरकार ने कम लोड वाले घरेलू कनेक्शन काटने के नियमों में ढील दी थी।