UP : लखनऊ में भीषण गर्मी और बिजली की बढ़ती मांग की वजह से लोग काफी परेशान हैं। ओवरलोडिंग के कारण कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली गुल रही, जिससे नाराज लोगों ने उपकेंद्र पर हंगामा किया। 11 जून 2026 को एक उपकेंद्र पर करीब 6
UP : लखनऊ में भीषण गर्मी और बिजली की बढ़ती मांग की वजह से लोग काफी परेशान हैं। ओवरलोडिंग के कारण कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली गुल रही, जिससे नाराज लोगों ने उपकेंद्र पर हंगामा किया। 11 जून 2026 को एक उपकेंद्र पर करीब 60 लोगों ने घेराव किया, जिसके बाद मौके पर पुलिस को तैनात करना पड़ा।
बिजली संकट और जनता का गुस्सा क्यों बढ़ा
राजधानी के कई इलाकों जैसे सहारा एस्टेट, आदिल नगर, जानकीपुरम गार्डन और गोमती नगर के कुछ हिस्सों में बिजली की भारी कटौती देखी गई। लोगों का कहना है कि बिना किसी सूचना के घंटों बिजली काट दी जाती है। वहीं, विभाग के इंजीनियरों का दावा है कि कुछ लोग नशे की हालत में उपकेंद्र पहुंचे और वहां हंगामा किया। इस तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
सरकार और UPPCL ने क्या कदम उठाए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना बताए बिजली कटौती करने पर नाराजगी जताई और 23 मई को हाई-लेवल मीटिंग बुलाई थी। इसके बाद UP Power Transmission Corporation के दो अधिशासी इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया। संकट को कम करने के लिए सरकार ने दूसरे जिलों से 44 अधिशासी इंजीनियरों का तबादला लखनऊ के विभिन्न उपकेंद्रों में किया है। साथ ही, संवेदनशील उपकेंद्रों पर TG-2 कर्मचारियों की ड्यूटी बढ़ाई गई है ताकि खराबी आने पर तुरंत बिजली बहाल हो सके।
बिजली बिल में सरचार्ज और डिमांड का हाल
UPPCL ने जून के बिल में 10% फ्यूल और पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) लगाने का फैसला किया था, लेकिन उपभोक्ता परिषद के विरोध के बाद इसे रोक दिया गया। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे। आंकड़ों की बात करें तो 7 जून को प्रदेश की बिजली मांग 31,147 MW के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जिसे पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बिजली कटौती का मुख्य कारण क्या है
भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है और ग्रिड पर ओवरलोडिंग बढ़ गई है, जिसकी वजह से कई इलाकों में आपूर्ति बाधित हो रही है।
बिजली बिल में 10% सरचार्ज का क्या हुआ
UPPCL ने जून के बिल में 10% सरचार्ज लगाने का निर्णय लिया था, लेकिन उपभोक्ता परिषद की चुनौती और ऊर्जा मंत्री के हस्तक्षेप के बाद इसे फिलहाल रोक दिया गया है।