UP : लखनऊ के कई इलाकों में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोग बेहाल हैं। हालात इतने खराब हो गए कि गुस्साए लोगों ने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) को बंधक बना लिया और पावर हाउसों का घेराव किया। मुख्यमंत्री योगी आदि
UP : लखनऊ के कई इलाकों में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोग बेहाल हैं। हालात इतने खराब हो गए कि गुस्साए लोगों ने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) को बंधक बना लिया और पावर हाउसों का घेराव किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संकट को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक हाई लेवल मीटिंग की है ताकि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके।
लखनऊ में कहां-कहां हुआ हंगामा और क्या हुई कार्रवाई
लखनऊ के फैजुल्लागंज, मुनेश्वर पुरम, गोमतीनगर और चिनहट जैसे इलाकों में लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। 22 मई को मुनेश्वर पुरम में 36 घंटे से बिजली गुल होने पर लोगों ने एक JE को बंधक बनाकर उसकी गाड़ी के टायर पंक्चर कर दिए। वहीं, रायबरेली रोड और बुद्धेश्वर चौराहे पर सड़क जाम करने वाले 150 लोगों पर सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज हुआ है। 23 मई की रात न्यू कैंपस उपकेंद्र पर भी भीड़ ने एक ऑपरेटर के साथ मारपीट की और जबरन फीडर बंद करा दिए।
बिजली संकट को दूर करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए
मुख्यमंत्री की बैठक के बाद ऊर्जा विभाग में खलबली मची है। गाजियाबाद और मेरठ के दो अधिशासी अभियंताओं को लापरवाही के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। लखनऊ की स्थिति संभालने के लिए दूसरे जिलों से 44 अधिशासी अभियंताओं को तैनात किया गया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) की एमडी रिया केजरीवाल ने 31 जुलाई तक सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इसके अलावा, संवेदनशील पावर हाउसों के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
बिजली कटौती का मुख्य कारण और लोगों पर असर
प्रदेश में तापमान 42-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से बिजली की मांग बहुत बढ़ गई है। 22 मई को सुबह के समय डिमांड 30,276 मेगावाट तक पहुंच गई थी। भारी लोड के कारण ट्रांसफार्मर फुंकने और केबल फॉल्ट जैसी तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। बिजली न होने से घरों में पानी की किल्लत हो गई है और हजरतगंज जैसे बाजारों में व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है क्योंकि एसी और पंखे बंद होने से ग्राहक दुकानों में नहीं रुक रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बिजली कटौती के बाद क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
रायबरेली रोड और बुद्धेश्वर चौराहे पर प्रदर्शन करने वाले करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और यातायात बाधित करने की प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
बिजली विभाग के कर्मचारियों के लिए क्या नए निर्देश जारी हुए हैं?
MVVNL की एमडी ने 31 जुलाई 2026 तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। साथ ही, बायोमेट्रिक उपस्थिति में 30 जून तक ढील दी गई है ताकि वे किसी भी कार्यालय से हाजिरी लगा सकें।