Lucknow में वकील के वेश में अपराध करने वालों की खैर नहीं, पुलिस ने बनाया स्पेशल सेल और जारी किया हेल्पलाइन नंबर
Lucknow: राजधानी लखनऊ में वकील की ड्रेस पहनकर जमीन कब्जाने और अन्य आपराधिक काम करने वालों पर अब पुलिस की पैनी नजर रहेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने इसके लिए एक विशेष प्रकोष्ठ (Special Cell)
Lucknow: राजधानी लखनऊ में वकील की ड्रेस पहनकर जमीन कब्जाने और अन्य आपराधिक काम करने वालों पर अब पुलिस की पैनी नजर रहेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने इसके लिए एक विशेष प्रकोष्ठ (Special Cell) बनाया है। साथ ही लोगों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है ताकि ऐसे फर्जी या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की शिकायत की जा सके।
यह पूरा मामला तब गरमाया जब हाईकोर्ट ने प्रदेश में वकीलों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के आदेश दिए। जांच में पता चला कि उत्तर प्रदेश में कुल 4,157 वकीलों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और 105 वकीलों की डिग्रियां फर्जी निकली हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति लखनऊ के वजीरगंज थाने की है, जहां 422 वकीलों के खिलाफ 236 केस दर्ज हैं। अदालत ने इसे बहुत गंभीर माना है और कहा है कि ऐसे लोग न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि जिन वकीलों पर सात साल से ज्यादा की सजा वाले गंभीर अपराध दर्ज हैं, उनके केस उनके गृह जिले से हटाकर 100 किलोमीटर दूर किसी दूसरे जिले में भेजे जाएं। इससे स्थानीय प्रभाव खत्म होगा और सही न्याय मिल सकेगा। साथ ही, फर्जी डिग्री वाले 105 वकीलों के खिलाफ धोखाधड़ी की FIR दर्ज कराने को कहा गया है और आपराधिक रिकॉर्ड वालों को कोर्ट में प्रैक्टिस करने से रोकने की बात कही गई है।
हाल ही में 21 जुलाई को लखनऊ जिला न्यायालय परिसर में दिल्ली के तीन वकीलों और उनके मुवक्किल पर हमले की घटना हुई थी। इसके बाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लिया और पुलिस आयुक्त व जिला न्यायाधीश से सीसीटीवी फुटेज और दोषियों के इतिहास की रिपोर्ट मांगी। इसके अलावा 23 जुलाई को वजीरगंज थाने में भी वकील की पोशाक में आए लोगों द्वारा दो भाइयों पर हमले की शिकायत मिली, जिसमें सौरभ वर्मा समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।