UP : लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के साउथ जोन में पुलिसकर्मियों के काम करने के तरीके को सुधारने के लिए एक नया सिस्टम शुरू किया गया है। अब इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के कामकाज की रेटिंग की जा रही है, जिसके आधार पर सबसे अच्छा काम
UP : लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के साउथ जोन में पुलिसकर्मियों के काम करने के तरीके को सुधारने के लिए एक नया सिस्टम शुरू किया गया है। अब इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के कामकाज की रेटिंग की जा रही है, जिसके आधार पर सबसे अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को ‘कॉप ऑफ द मंथ’ के खिताब से नवाजा गया। इसका मकसद पुलिस की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाना और आम जनता को पुलिस सेवा से बेहतर राहत दिलाना है।
क्या है ऑब्जेक्टिव इवैल्यूएशन सिस्टम और कैसे काम करता है
डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने बताया कि दक्षिणी जोन में 13 मई 2026 से ‘ऑब्जेक्टिव इवैल्यूएशन सिस्टम’ लागू किया गया है। इस सिस्टम में पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए अलग-अलग कामों के लिए अंक तय किए गए हैं। इन अंकों के आधार पर रेटिंग तैयार की जाती है, जिससे पुलिसकर्मियों के बीच एक सकारात्मक मुकाबला शुरू हुआ है और वे अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। इससे जनता को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवा मिल रही है।
किन अधिकारियों को मिला ‘कॉप ऑफ द मंथ’ का सम्मान
मई महीने के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 6 और 7 जून 2026 को अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इनमें इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर दोनों शामिल रहे। प्रदर्शन की पूरी लिस्ट नीचे दी गई है:
| नाम और पद |
थाना/सर्किल |
प्राप्त अंक |
| इंस्पेक्टर प्रद्युम्न कुमार सिंह |
कृष्णानगर थाना |
1046 |
| इंस्पेक्टर दिलेश कुमार सिंह |
गोसाईगंज थाना |
958 |
| इंस्पेक्टर बृजेश कुमार त्रिपाठी |
मोहनलालगंज थाना |
892 |
| सब-इंस्पेक्टर आशीष कुमार |
भागूखेड़ा चौकी |
952 |
| सब-इंस्पेक्टर लाल सिंह |
गोसाईगंज सर्किल |
624 |
| सब-इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर सिंह |
कृष्णानगर सर्किल |
1935 |
पुलिस की हालिया उपलब्धियां और कार्रवाई
इस सिस्टम के लागू होने के बाद साउथ जोन पुलिस ने कई बड़ी कामयाबी हासिल की है। इंस्पेक्टर प्रद्युम्न कुमार सिंह की टीम ने एक अंतरराज्यीय लूट गिरोह के 7 बदमाशों को पकड़ा और टप्पेबाजी गिरोह से करीब 6 लाख रुपये बरामद किए। वहीं, साइबर सेल ने सीईआईआर पोर्टल के जरिए अलग-अलग राज्यों से 12 लाख रुपये कीमत के 54 चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए। इसके अलावा ‘ऑपरेशन किरण’ के जरिए 45 पारिवारिक विवादों को सुलझाया गया और ‘ऑपरेशन क्लीन-2’ के तहत 89 सीज वाहनों का निस्तारण किया गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कॉप ऑफ द मंथ का चुनाव किस आधार पर किया गया?
इसका चुनाव ‘ऑब्जेक्टिव इवैल्यूएशन सिस्टम’ के आधार पर किया गया है, जिसमें पुलिस अधिकारियों के कार्यों के लिए अंक निर्धारित किए जाते हैं और सबसे अधिक अंक पाने वाले को सम्मानित किया जाता है।
इस नई प्रणाली से आम जनता को क्या फायदा होगा?
इस सिस्टम से पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ी है, जिससे आम लोगों को अपनी शिकायतों का त्वरित समाधान और बेहतर पुलिस सेवा मिल सकेगी।