UP: लखनऊ पुलिस लाइन के गणना कार्यालय में तैनात 12 पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। इन सभी को उनके पदों से हटा दिया गया है। यह पूरा मामला सिपाही सुनील कुमार शुक्ला द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आर
UP: लखनऊ पुलिस लाइन के गणना कार्यालय में तैनात 12 पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। इन सभी को उनके पदों से हटा दिया गया है। यह पूरा मामला सिपाही सुनील कुमार शुक्ला द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों के बाद सामने आया है।
वसूली के आरोप और सिपाही का दावा क्या है?
सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया है कि लखनऊ कमिश्नरेट के गणना डी अनुभाग में मनचाही पोस्टिंग और ड्यूटी लगाने के नाम पर पैसों का खेल चलता था। उनके मुताबिक, करीब 400 पुलिसकर्मियों से हर महीने 2000 रुपये के हिसाब से लगभग 8 लाख रुपये की वसूली की जाती थी। इस पूरे सिस्टम को चलाने के लिए “चढ़ना डी” नाम के डेटा का इस्तेमाल होता था। सुनील कुमार शुक्ला ने आरआई और अन्य अधिकारियों को भी इस वसूली रैकेट में शामिल बताया है।
पुलिस प्रशासन ने क्या कार्रवाई की और क्या कहा?
लखनऊ पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 11 मई 2026 को 12 पुलिसकर्मियों को हटा दिया। पुलिस कमिश्नरेट ने आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए एक समिति बना दी है और एडीसीपी लाइन इसकी जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गार्ड ड्यूटी के लिए एक मानक एसओपी है और बदलाव राजपत्रित अधिकारियों के स्तर से होते हैं। साथ ही, पुलिस ने सिपाही के घर पर छापेमारी और परिजनों से दुर्व्यवहार के आरोपों को गलत बताया है। पुलिस के अनुसार, टीम सिर्फ नोटिस देने उनके घर गई थी।
सिपाही सुनील कुमार शुक्ला की मांगें
वर्तमान में 20 दिन की छुट्टी पर मौजूद सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने चिंता जताई है कि जिन अधिकारियों पर उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, वही अब मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके रायबरेली और अमेठी स्थित घरों पर आधी रात को छापेमारी की गई, जिससे उनका परिवार परेशान हुआ।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ पुलिस लाइन में 12 पुलिसकर्मियों को क्यों हटाया गया?
सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने गणना कार्यालय में तैनात कर्मियों पर मनचाही पोस्टिंग के बदले हर महीने अवैध वसूली करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।
वसूली के आरोपों में कितनी राशि का जिक्र है?
आरोप है कि लगभग 400 पुलिसकर्मियों से 2000 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से हर महीने करीब 8 लाख रुपये की वसूली की जा रही थी।