UP: लखनऊ पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में दिल्ली से आए अंतर्राज्यीय लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में गिरोह के सरगना समेत कुल सात लोगों को पकड़ा गया है। इस कार्रवाई में दो बदमाशों को गो
UP: लखनऊ पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में दिल्ली से आए अंतर्राज्यीय लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में गिरोह के सरगना समेत कुल सात लोगों को पकड़ा गया है। इस कार्रवाई में दो बदमाशों को गोली लगी है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ में कौन हुए गिरफ्तार और क्या है उनका रिकॉर्ड
कृष्णनगर इलाके के मनसनगर रोड के पास हुई फायरिंग में रोहन उर्फ गुड्डू और साहिल घायल हुए हैं। रोहन दिल्ली के अंबेडकर नगर का रहने वाला है और उस पर गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में लूट-चोरी के करीब 20 केस दर्ज हैं। अकेले बिसरख थाने में उसके खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं, जबकि साहिल पर 4 केस दर्ज हैं। इसके अलावा विकास नगर इलाके में एक अलग मुठभेड़ में सनी यादव को भी गिरफ्तार किया गया है, जिस पर छेड़खानी और हत्या के प्रयास का आरोप है।
कैसे पकड़ा गया यह गिरोह और क्या हुआ बरामद
DCP साउथ अमित कुमार आनंद ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए चार टीमें बनाई थीं। पुलिस ने करीब 200 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और ग्राउंड इंटेलिजेंस की मदद ली। यह कार्रवाई 28 मई को रामबाबू से बैग छीनने और वर्षा रानी की सोने की चेन लूटने के मामलों की जांच के बाद की गई। जब पुलिस ने बदमाशों को घेरने की कोशिश की, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। पुलिस ने मौके से लूटी हुई चेन, सिगरेट से भरा बैग, एक मोटरसाइकिल और दो अवैध हथियार बरामद किए हैं।
पुलिस प्रशासन का क्या कहना है
लखनऊ पुलिस के अधिकारियों ने साफ किया है कि शहर में अपराध करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे ऑपरेशन में DCP साउथ अमित कुमार आनंद, ADCP वसंत कुमार रल्लापल्ली, ACP रजनीश वर्मा और कृष्णनगर थाना इंस्पेक्टर पी.के. सिंह की मुख्य भूमिका रही। घटना के बाद फॉरेंसिक टीम ने मुठभेड़ वाली जगहों का मुआयना किया और सबूत जुटाए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में गिरफ्तार अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्यों का क्या रिकॉर्ड है?
गिरफ्तार सदस्य रोहन उर्फ गुड्डू पर दिल्ली-NCR के विभिन्न जिलों में लूट और चोरी के करीब 20 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 16 मामले अकेले बिसरख थाने में हैं। वहीं साहिल पर 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए क्या तरीका अपनाया?
DCP साउथ ने चार विशेष टीमें बनाई थीं जिन्होंने करीब 200 CCTV कैमरों की जांच की और मुखबिरों की मदद से बदमाशों की लोकेशन ट्रैक कर उन्हें घेरा।