Lucknow पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा को हाईकोर्ट ने तलब किया, बाजारखाला मामले में स्थानीय पुलिस की लापरवाही पर नाराजगी
Lucknow: लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर Tarun Gaba को कार्यभार संभालते ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने पेश होना पड़ा है। यह पूरा मामला बाजारखाला इलाके के एक आपराधिक केस से जुड़ा है, जिसमें स्थानीय पुलिस की सुस्ती की वजह से कोर्ट
Lucknow: लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर Tarun Gaba को कार्यभार संभालते ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने पेश होना पड़ा है। यह पूरा मामला बाजारखाला इलाके के एक आपराधिक केस से जुड़ा है, जिसमें स्थानीय पुलिस की सुस्ती की वजह से कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।
दरअसल, इस मामले में स्थानीय पुलिस लगातार दो सुनवाइयों के दौरान कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर पाई और जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। जब कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया, तो पुलिस कमिश्नर को पेश होने का आदेश दिया गया। कोर्ट में यह बात सामने आई कि जांच अधिकारी यानी विवेचक ने रिपोर्ट को कानूनी राय (विधिक अभिमत) के लिए भेजा था, जिसकी वजह से मजिस्ट्रेट के सामने अंतिम रिपोर्ट दाखिल नहीं हो सकी थी।
IPS अधिकारी तरुण गाबा ने 29 जुलाई 2026 को लखनऊ पुलिस कमिश्नर का चार्ज लिया था। वह 28 जुलाई को हुए 15 IPS अधिकारियों के तबादलों के बाद इस पद पर आए हैं। पद संभालते ही उन्होंने साइबर अपराध रोकने, तकनीक के इस्तेमाल और जनता की शिकायतों को जल्दी सुलझाने की बात कही थी, लेकिन अब उन्हें इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण कोर्ट जाना पड़ा।
गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच पहले भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुका है। 30 जुलाई 2026 को कोर्ट ने यूपी की अदालतों में 50,000 से ज्यादा पुलिस क्लोजर रिपोर्ट लंबित होने पर गहरी चिंता जताई थी। कोर्ट ने इसे सिस्टम की विफलता बताया और लखनऊ समेत सभी जिलों के न्यायाधीशों से इस देरी के कारणों पर रिपोर्ट मांगी थी।