Lucknow में साइबर ठगों को बैंक खाते देने वाले 3 गिरफ्तार, ‘ऑपरेशन वज्र’ के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Lucknow: लखनऊ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘Operation CYVAJRA’ के तहत एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ऐसे तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जो साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन
Lucknow: लखनऊ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘Operation CYVAJRA’ के तहत एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ऐसे तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जो साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी से जुटाए गए पैसों को इधर-उधर करने के लिए किया जाता था।
हजरतगंज पुलिस और सेंट्रल जोन की साइबर टीम ने 23 जुलाई 2026 को यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए लोगों में बदायूं का वरुण कांत शर्मा (30 वर्ष), फर्रुखाबाद का प्रेम कुमार उर्फ विमल और एक महिला शामिल है। पुलिस के मुताबिक, ये लोग आसपास के कस्बों और गांवों के भोले-भाले लोगों को नौकरी का लालच देते थे। इसके बाद उनसे बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल नंबर का कंट्रोल साइबर ठगों को सौंप देते थे।
इस गिरोह का काम करने का तरीका काफी शातिर था। साइबर फ्रॉड से जो पैसा आता था, उसे इन ‘म्यूल अकाउंट्स’ में डाला जाता था। इसके तुरंत बाद एटीएम और चेक के जरिए पैसे निकालकर उन्हें USDT (Tether cryptocurrency) में बदल दिया जाता था, ताकि पैसा विदेश भेजकर सबूत मिटाया जा सके। पुलिस ने इस मामले में अमित और दिनेश सिंह नाम के दो मुख्य हैंडलर्स की पहचान की है, जो फिलहाल फरार हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग टेलीग्राम के जरिए चीनी साइबर ठगों से जुड़े हुए थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से काफी मात्रा में सामान बरामद किया है, जिसकी लिस्ट नीचे दी गई है:
| बरामद सामान | संख्या |
|---|---|
| एटीएम कार्ड | 23 |
| पासबुक | 13 |
| चेकबुक | 9 |
| मोबाइल फोन | 5 |
एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा और एडीसीपी सेंट्रल जेके दुबे ने बताया कि इस रैकेट से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में करीब 5 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच जारी है।