UP : लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई (SGPGI) अस्पताल में सोमवार तड़के एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के LTU वार्ड में भर्ती एक कैंसर पीड़ित मरीज का गला कटा हुआ शव मिलने से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस और फ
UP : लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई (SGPGI) अस्पताल में सोमवार तड़के एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के LTU वार्ड में भर्ती एक कैंसर पीड़ित मरीज का गला कटा हुआ शव मिलने से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर मामले की गहराई से जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा
बस्ती जिले के रहने वाले 61 वर्षीय मुस्ताक अली लिवर कैंसर से पीड़ित थे और 21 अप्रैल से पीजीआई के LTU वार्ड के बेड नंबर 11 पर भर्ती थे। सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे बगल के बेड पर भर्ती एक अन्य मरीज ने मुस्ताक अली को खून से लथपथ देखा, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस को सुबह 5:45 बजे आधिकारिक तौर पर सूचना मिली।
जांच में क्या बातें सामने आईं
घटनास्थल पर पुलिस को एक सर्जिकल ब्लेड मिला है, जिससे गला रेता गया होने की आशंका है। हैरानी की बात यह है कि मुस्ताक अली के सगे भाई मुख्तार अली वहीं वार्ड में उनके पास सो रहे थे, लेकिन उन्हें इस घटना की भनक तक नहीं लगी। मौके पर डीसीपी साउथ अमित कुमार, एडीसीपी और एसीपी समेत भारी पुलिस बल, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।
हत्या है या आत्महत्या, पुलिस का क्या कहना है
डीसीपी साउथ अमित कुमार के मुताबिक, पुलिस इस मामले को दो पहलुओं से देख रही है। शुरुआती तौर पर इसे बीमारी से तंग आकर की गई आत्महत्या माना जा रहा है, लेकिन अस्पताल की कड़ी सुरक्षा को देखते हुए हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पीजीआई अस्पताल में मृत मरीज कौन था और वह क्यों भर्ती था
मृतक का नाम मुस्ताक अली था, जो बस्ती जिले के निवासी थे। वह लिवर कैंसर से पीड़ित थे और 21 अप्रैल से पीजीआई के एलटीयू वार्ड में इलाज के लिए भर्ती थे।
पुलिस इस मामले में अब तक क्या जांच कर चुकी है
पुलिस ने मौके से एक सर्जिकल ब्लेड बरामद किया है। डीसीपी साउथ और अन्य आला अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया है और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या या आत्महत्या का पता लगाया जाएगा।