UP: लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र के कल्ली पश्चिम गांव में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहाँ स्कूल से लौटकर तालाब में नहाने गए 13 साल के किशोर जितेंद्र कुमार की डूबने से मौत हो गई। यह घटना शनिवार को हुई, जिसकी जानकारी रविवार सुबह तक स
UP: लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र के कल्ली पश्चिम गांव में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहाँ स्कूल से लौटकर तालाब में नहाने गए 13 साल के किशोर जितेंद्र कुमार की डूबने से मौत हो गई। यह घटना शनिवार को हुई, जिसकी जानकारी रविवार सुबह तक सामने आई। मृतक जितेंद्र सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट हाई स्कूल में कक्षा 7 का छात्र था।
कैसे हुआ हादसा और किसने की मदद
जितेंद्र अपने छोटे भाई मनीष और दोस्तों हिमांशु और पुनीत के साथ किसान पथ किनारे बने एक तालाब में नहाने गया था। नहाते समय जितेंद्र और हिमांशु अचानक गहरे पानी में चले गए। छोटे भाई मनीष ने तुरंत एक लकड़ी की डाल फेंकी, जिसकी मदद से हिमांशु तो बाहर निकल आया, लेकिन जितेंद्र उसे पकड़ नहीं पाया और डूब गया। साथियों के शोर मचाने पर स्थानीय लोग इकट्ठा हुए और पुलिस को खबर दी।
SDRF ने दो घंटे की मशक्कत के बाद निकाला शव
सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र कुमार सिंह पुलिस टीम और फायर ब्रिगेड के साथ मौके पर पहुंचे। तालाब में बहुत ज्यादा जलकुंभी होने की वजह से बचाव कार्य में काफी दिक्कत आई। इसके बाद SDRF की टीम को बुलाया गया, जिसने करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद जितेंद्र को बाहर निकाला। उसे तुरंत PGI अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अवैध खनन के आरोप और प्रशासन की कार्रवाई
इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि यह तालाब अवैध खनन की वजह से बना था। सरोजिनी नगर के एसडीएम अंकित शुक्ला ने इस मामले की पुष्टि की है और कहा है कि मामला संज्ञान में है और इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार ने किसी के खिलाफ कोई लिखित शिकायत नहीं की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हादसा लखनऊ में कहाँ हुआ और मृतक कौन था
यह हादसा लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र के कल्ली पश्चिम गांव में किसान पथ किनारे एक तालाब में हुआ। मृतक की पहचान जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो कक्षा 7 का छात्र था।
बचाव कार्य में देरी क्यों हुई
तालाब में जलकुंभी बहुत अधिक मात्रा में फैली हुई थी, जिसकी वजह से SDRF और पुलिस टीम को बच्चे को बाहर निकालने में करीब दो घंटे का समय लगा।