UP : लखनऊ के निवासियों के लिए महंगाई की मार एक बार फिर बढ़ गई है। 25 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से इजाफा हुआ है। पिछले दो हफ्तों के भीतर यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़े हैं, जिससे आम आदमी और ट्रांसपो
UP : लखनऊ के निवासियों के लिए महंगाई की मार एक बार फिर बढ़ गई है। 25 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से इजाफा हुआ है। पिछले दो हफ्तों के भीतर यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़े हैं, जिससे आम आदमी और ट्रांसपोर्ट चलाने वालों की जेब पर सीधा असर पड़ा है।
लखनऊ में पेट्रोल और डीजल के नए रेट क्या हैं?
लखनऊ में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल की कीमत अब ₹100 के पार चली गई है। नए रेट्स की पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखें:
| ईंधन का प्रकार |
बढ़ोतरी (प्रति लीटर) |
नया रेट (लगभग) |
| पेट्रोल (MS) |
₹2.61 |
₹101.89 – ₹102.05 |
| डीजल (HSD) |
₹2.72 |
₹95.36 – ₹96.28 |
| प्रीमियम पेट्रोल (XP95) |
₹2.61 |
बढ़ोतरी लागू |
| एक्सट्रा ग्रीन डीजल (XG) |
₹2.72 |
बढ़ोतरी लागू |
दाम बार-बार बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
तेल कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है, जिससे घरेलू बाजार में दाम बढ़ाना मजबूरी बन गया। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि तेल कंपनियों को रोजाना ₹750 करोड़ से ₹1000 करोड़ तक का नुकसान हो रहा था। इसके अलावा पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को भी कीमतों में उछाल का बड़ा कारण माना जा रहा है।
आम जनता और माल ढुलाई पर क्या असर होगा?
लगातार बढ़ते दामों से मध्यम वर्ग का मासिक बजट बिगड़ गया है। ट्रांसपोर्टरों के लिए डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर बाजार में आने वाली सब्जियों, दूध और अन्य रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका है। गौरतलब है कि 15 मई से अब तक पेट्रोल-डीजल के दाम में कुल ₹7.5 प्रति लीटर तक की वृद्धि हो चुकी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में पेट्रोल की ताजा कीमत क्या है?
25 मई 2026 को हुई बढ़ोतरी के बाद लखनऊ में पेट्रोल की कीमत ₹101.89 से ₹102.05 प्रति लीटर के बीच पहुंच गई है।
तेल कंपनियां दाम क्यों बढ़ा रही हैं?
कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी, रुपये की कमजोरी और कंपनियों को हो रहे भारी दैनिक नुकसान के कारण दाम बढ़ाए गए हैं।