Lucknow में कुत्ता-बिल्ली पालने के लिए अब लेना होगा लाइसेंस, नियमों का उल्लंघन करने पर लगेगा भारी जुर्माना
Lucknow: अगर आप लखनऊ में अपने घर में कुत्ता या बिल्ली पालते हैं, तो अब आपको नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लखनऊ नगर निगम (LMC) ने पालतू जानवरों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों का मकसद पशु कल्याण को बढ़ावा
Lucknow: अगर आप लखनऊ में अपने घर में कुत्ता या बिल्ली पालते हैं, तो अब आपको नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लखनऊ नगर निगम (LMC) ने पालतू जानवरों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों का मकसद पशु कल्याण को बढ़ावा देना और मालिकों को जिम्मेदार बनाना है। बिना लाइसेंस के जानवर पालने वालों पर अब नगर निगम की नजर रहेगी और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
नगर निगम ने अब कुत्तों के साथ-साथ बिल्लियों को भी पालतू पशु उपविधि में शामिल कर लिया है। नए नियमों के मुताबिक, किसी भी पालतू जानवर को खरीदने के 15 दिनों के भीतर उसकी जानकारी नगर निगम को देनी होगी। लाइसेंस बनवाने के लिए एंटी-रेबीज टीकाकरण प्रमाण पत्र देना जरूरी है। अगर टीकाकरण की समय सीमा खत्म हो जाती है, तो लाइसेंस अपने आप रद्द माना जाएगा।
लाइसेंस के लिए लोग नगर निगम की वेबसाइट lmc.up.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या सीधे नगर निगम कार्यालय जा सकते हैं। बिल्लियों के लिए लाइसेंसिंग की प्रक्रिया 27 सितंबर 2025 से और कुत्तों के लिए 12 जुलाई 2025 से शुरू की गई थी। लाइसेंस में जानवर के स्वास्थ्य और टीकाकरण की पूरी जानकारी होगी ताकि अवैध ब्रीडिंग और शोषण को रोका जा सके।
| विवरण | लाइसेंस शुल्क/नियम |
|---|---|
| बिल्ली का वार्षिक शुल्क | ₹500 |
| भारतीय नस्ल का कुत्ता | ₹200 |
| विदेशी नस्ल का कुत्ता | ₹1000 |
| बिना लाइसेंस जुर्माना | ₹1000 से ₹5000 तक |
| दैनिक अतिरिक्त जुर्माना | ₹50 (लगातार उल्लंघन पर) |
| 200 वर्ग गज तक का घर | अधिकतम 2 कुत्ते |
| 300 वर्ग गज तक का घर | अधिकतम 4 कुत्ते |
नगर आयुक्त गौरव कुमार और पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा इन नियमों को सख्ती से लागू करवा रहे हैं। नियमों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति पांच या उससे ज्यादा कुत्ते पालता है, तो उस पर शेल्टर होम के नियम लागू होंगे और उसे एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से अनुमति लेनी होगी। लाइसेंस की वैधता वित्तीय वर्ष के अंत तक रहेगी और हर साल इसका नवीनीकरण कराना होगा। नियमों की अनदेखी करने पर पशु को जब्त भी किया जा सकता है।