Lucknow में धूमधाम से मनाया गया हरेला लोकोत्सव, पर्वतीय महापरिषद ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Lucknow: राजधानी के गोमतीनगर स्थित पर्वतीय महापरिषद भवन में शुक्रवार को हरेला लोकोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पर्वतीय महापरिषद के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और
Lucknow: राजधानी के गोमतीनगर स्थित पर्वतीय महापरिषद भवन में शुक्रवार को हरेला लोकोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पर्वतीय महापरिषद के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली। इस उत्सव के जरिए लोगों को प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंडी समाज की महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर हरेला की टोकरियां सजाईं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इस मौके पर श्रेष्ठ हरेला, पारंपरिक पहनावे और खान-पान की प्रतियोगिताएं रखी गई थीं, जिनमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिलाओं ने पारंपरिक उत्तराखंडी कपड़ों में झोड़ा नृत्य पेश किया, जिसने सबका मन मोह लिया।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए इस लोकपर्व के अवसर पर पौधरोपण किया गया और लोगों के बीच पौधों का वितरण भी हुआ। आयोजन में पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चन्द्र जोशी, महासचिव महेन्द्र सिंह रावत, संयोजक केएन चंदोला, संरक्षक एनके उपाध्याय, हरीश कांडपाल और उपाध्यक्ष महेन्द्र पन्त समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। साथ ही मीडिया प्रभारी भुवन पांडेय, केसी पंत, केएन पांडेय, सुमन रावत, मंजू शर्मा पडेलिया और अन्य सदस्य भी शामिल हुए।
बता दें कि हालांकि उत्तराखंड में यह पर्व पारंपरिक रूप से 16 जुलाई 2026 को मनाया गया, लेकिन लखनऊ में इसका आयोजन 17 जुलाई को हुआ। इसी बीच उत्तराखंड सरकार ने भी पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान चलाया, जिसके तहत राज्य में 12 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। देहरादून में आयोजित 6वें लोक संवर्धन पर्व को भी जन-उत्साह के कारण दो दिन और बढ़ा दिया गया, जहाँ क्षेत्रीय व्यंजनों और हस्तशिल्प के कई स्टॉल लगाए गए थे।