UP : लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में गुरुवार को पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों के मन से डर निकालने के लिए पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त की। यह पूरा अभियान पुलिस
UP : लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में गुरुवार को पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों के मन से डर निकालने के लिए पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त की। यह पूरा अभियान पुलिस कमिश्नर Amarendra Kumar Sengar के निर्देश और DCP पश्चिम Kamlesh Kumar Dixit के आदेश पर चलाया गया।
पारा इलाके में पुलिस ने क्या कदम उठाए
पुलिस की टीम ने पारा क्षेत्र के उन इलाकों में पैदल मार्च किया जिन्हें संवेदनशील माना जाता है। इस गश्त का मुख्य मकसद स्थानीय लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाना और अपराधियों में डर पैदा करना था। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।
लखनऊ पुलिस की बड़ी सुरक्षा योजनाएं क्या हैं
यह कार्रवाई यूपी पुलिस के उन निर्देशों का हिस्सा है जिसमें DGP Prashant Kumar ने संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाने और खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने को कहा था। लखनऊ पुलिस अब CCTV कैमरों, ड्रोन और सोशल मीडिया की निगरानी के जरिए सुरक्षा बढ़ा रही है। इसके अलावा शहर के 630 खास पॉइंट्स पर मोबाइल पार्टियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
अधिकारियों की भूमिका और प्राथमिकता
पुलिस कमिश्नर Amarendra Kumar Sengar ने जनता की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया है। इसी कड़ी में नवंबर 2025 में नए Dial-112 PRV वाहन भी शुरू किए गए थे। वहीं DCP पश्चिम Kamlesh Kumar Dixit, जो फरवरी 2024 से इस पद पर हैं, अब महिला अपराधों की रोकथाम के लिए भी अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पारा इलाके में पुलिस गश्त क्यों की गई
लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए पैदल गश्त अभियान चलाया गया।
लखनऊ पुलिस सुरक्षा के लिए और क्या उपाय कर रही है
पुलिस अब CCTV कैमरों और ड्रोन से निगरानी कर रही है, सोशल मीडिया पर नजर रख रही है और शहर के 630 चिन्हित स्थानों पर मोबाइल पुलिस पार्टियां तैनात की गई हैं।