Lucknow में पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी का सम्मान, बताया विज्ञान और रंगमंच के बीच का संघर्ष
Lucknow: गोमतीनगर के जनेश्वर मिश्र पार्क में रविवार को एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी का अभिनंदन किया गया। यह आयोजन लखनऊ कनेक्शन वर्ल्डवाइड (LCWW) द्वारा ‘आई एम द बेस्ट’ थ्री
Lucknow: गोमतीनगर के जनेश्वर मिश्र पार्क में रविवार को एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी का अभिनंदन किया गया। यह आयोजन लखनऊ कनेक्शन वर्ल्डवाइड (LCWW) द्वारा ‘आई एम द बेस्ट’ थ्री इन वन मेगा इवेंट के तौर पर किया गया था। इस मौके पर डॉ. रस्तोगी ने अपनी जिंदगी के उन अनुभवों को साझा किया, जब उन्होंने विज्ञान और कला के बीच तालमेल बिठाया था।
सम्मान समारोह के दौरान डॉ. अनिल रस्तोगी ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार थिएटर यानी रंगमंच की दुनिया में कदम रखा, तो वह काफी डरे हुए थे। उन्हें डर था कि नाटक करने की वजह से उनकी सरकारी नौकरी पर खतरा आ सकता है या नौकरी जा सकती है। हालांकि, उनके सीनियर वैज्ञानिकों ने उनका साथ दिया और हौसला बढ़ाया। वैज्ञानिकों ने उनसे कहा कि जब संस्थान में संगीत और डांस के प्रोग्राम हो सकते हैं, तो नाटक क्यों नहीं हो सकता।
डॉ. रस्तोगी सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CDRI) से रिटायर हुए एक वैज्ञानिक हैं और उन्होंने 70 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में एंट्री ली। LCWW के संस्थापक सुनील मिश्रा ने उन्हें विज्ञान और कला का एक बेहतरीन संगम बताया और कहा कि उनकी मेहनत समाज के लिए एक मिसाल है। कार्यक्रम में डॉ. राजीव सक्सेना ने उन्हें स्मृति-चिह्न और फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया।
इस इवेंट में सिर्फ सम्मान समारोह ही नहीं था, बल्कि सिंगिंग कॉन्टेस्ट और सदस्यों के जन्मदिन व सालगिरह का जश्न भी मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गार्गी द्विवेदी की गणेश वंदना से हुई। इसके बाद नीरजा शुक्ला, मधु श्रीवास्तव, विभा शुक्ला और ज्योति प्रकाश ने स्वागत गीत गाया, जबकि निधि निगम ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति दी। कनाडा से अनिल शुक्ला और अमेरिका से शोएब कुरैशी ने भी ऑनलाइन जुड़कर शुभकामनाएं भेजीं। संवाद सत्र के दौरान कुमकुम धर, डॉ. मीनू खरे, डॉ. रवि भट्ट, पद्मा गिडवानी और डॉ. उमा राय ने भी डॉ. रस्तोगी के व्यक्तित्व पर अपने विचार रखे।