Lucknow को तोहफ़ा, शहर के चारों ओर दौड़ेगी ऑर्बिटल रेल, चारबाग स्टेशन पर घटेगा दबाव
UP/Lucknow : राजधानी लखनऊ में रेल यातायात को आसान बनाने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। शहर के चारों तरफ 170 किलोमीटर लंबा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे चारबाग स्टेशन और शहर के अंदर की रेल लाइनों पर ट्रेन
UP/Lucknow : राजधानी लखनऊ में रेल यातायात को आसान बनाने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। शहर के चारों तरफ 170 किलोमीटर लंबा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे चारबाग स्टेशन और शहर के अंदर की रेल लाइनों पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 16 जुलाई 2026 को बताया कि इस प्रोजेक्ट से लखनऊ में व्यापार और ट्रांसपोर्ट को काफी बढ़ावा मिलेगा। इस पूरे कॉरिडोर को बनाने में करीब 7,500 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है और इसे साल 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए Northern Railways के लखनऊ डिवीजन को Detailed Project Report (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इस प्रोजेक्ट की खास बातें नीचे दी गई हैं:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल लंबाई | 170 किमी (डबल लाइन) |
| जुड़ने वाले रूट | लखनऊ-कानपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर और रायबरेली |
| नया टर्मिनल | 30 से ज्यादा ट्रैक और 20 से अधिक प्लेटफॉर्म वाला मेगा पैसेंजर टर्मिनल |
| लॉजिस्टिक्स पार्क | Agra Expressway के पास मेगा रेल लॉजिस्टिक्स पार्क का निर्माण |
| तकनीकी फीचर | Y कनेक्शन और Rail-on-Rail (ROR) ब्रिज की सुविधा |
| अनुमानित लागत | 7,500 करोड़ रुपये |
| डेडलाइन | साल 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य |
इस प्रोजेक्ट के लिए सर्वे का काम अक्टूबर 2025 से शुरू होने की उम्मीद थी, जिसे पूरा करने में 12 से 18 महीने का समय लगेगा। रेलवे बोर्ड ने इस फिजिबिलिटी सर्वे के लिए 4.25 करोड़ रुपये आवंटित किए थे और RITES को DPR फाइल करने के लिए जोड़ा गया है। साथ ही, इस कॉरिडोर की प्लानिंग के लिए Lucknow Development Authority के साथ भी बातचीत चल रही है ताकि इसे शहर के मास्टर प्लान में शामिल किया जा सके।