Lucknow का सबसे पुराना नाम क्या था, जानिए कैसे बना यह ‘नवाबों का शहर’

UP/Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अपनी खास तहजीब, चिकनकारी और नवाबी संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस शहर का सबसे पुराना नाम क्या था और यह शहर नवाबों की पहचान कैसे बना। ग

UP/Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अपनी खास तहजीब, चिकनकारी और नवाबी संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस शहर का सबसे पुराना नाम क्या था और यह शहर नवाबों की पहचान कैसे बना। गोमती नदी के किनारे बसे इस शहर का इतिहास काफी पुराना और दिलचस्प है।

ऐतिहासिक जानकारियों के मुताबिक लखनऊ का सबसे पुराना नाम लक्ष्मणपुर था। इसे लखनपुरी, लक्ष्मणावती और लखनपुर जैसे नामों से भी पुकारा जाता था। माना जाता है कि भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने गोमती नदी के किनारे इस जगह को बसाया था, इसलिए उनके सम्मान में इसका नाम लक्ष्मणपुर रखा गया। शहर के उत्तर-पश्चिम में स्थित लक्ष्मण टीला इस बात की याद दिलाता है। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि लाखन अहीर नाम के एक राजा ने यहाँ शासन किया था और उनके नाम पर लखनावती किला और वाटिका बनी थी, जिससे शहर के नाम पर असर पड़ा।

लखनऊ को ‘नवाबों का शहर’ इसकी शाही जीवन शैली और अवध के नवाबों के दौर की वजह से कहा जाता है। अवध साम्राज्य की शुरुआत 1722 में सआदत खान ने की थी। पहले इस राज्य की राजधानी फैजाबाद हुआ करती थी, लेकिन 1775 में नवाब आसफ-उद-दौला ने इसे बदलकर लखनऊ कर दिया। इसके बाद लखनऊ कला, संगीत और संस्कृति का बड़ा केंद्र बन गया।

नवाबों ने यहाँ कई शानदार इमारतें बनवाईं जिससे शहर की सूरत बदल गई। नवाब आसफ-उद-दौला ने बड़ा इमामबाड़ा और रूमी गेट जैसी भव्य इमारतें बनवाईं। इसके अलावा गाजी-उद-दीन हैदर, नासिरुद्दीन हैदर और वाजिद अली शाह ने छतर मंजिल, मोती महल और कैसरबाग महल का निर्माण कराया। नवाबों ने मुगल और फारसी परंपराओं को मिलाकर एक अलग अवधी संस्कृति तैयार की, जिसमें कबाब और बिरयानी जैसे खानपान और खास तहजीब शामिल थी।

लखनऊ की खूबसूरती और संस्कृति की वजह से इसे ‘पूर्व का गोल्डन सिटी’, ‘शिराज-ए-हिंद’ और ‘भारत का कॉन्स्टेंटिनोपल’ भी कहा जाता था। अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह थे, जिन्हें 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने शहर से निकाल दिया था, जिसके बाद लखनऊ पूरी तरह ब्रिटिश राज के कब्जे में आ गया।