Lucknow को तोहफ़ा, जल्द शुरू होगा नाइट सफारी का काम, सीएम योगी ने दिए समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश
Lucknow: राजधानी लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र में बनने वाली नाइट सफारी अब हकीकत बनने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 20 जुलाई
Lucknow: राजधानी लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र में बनने वाली नाइट सफारी अब हकीकत बनने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 20 जुलाई को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में सीएम ने साफ कहा कि सभी कानूनी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर काम को समय पर आगे बढ़ाया जाए।
इस प्रोजेक्ट को 15 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पुराने चिड़ियाघर अब आउटडेटेड हो गए हैं और वन्यजीवों के लिए नए प्रयास जरूरी हैं। हालांकि, यह मंजूरी कुछ सख्त शर्तों के साथ मिली है। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) हर महीने साइट का निरीक्षण करेगी और तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। साथ ही, पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा जाएगा और कम से कम पेड़ काटे जाएंगे।
यह सफारी भारत की पहली शहरी नाइट सफारी होगी और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी नाइट सफारी की लिस्ट में शामिल होगी। इसे करीब 1,500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। इसका पहला चरण लगभग 855 एकड़ जमीन पर बनेगा। यहां आने वाले पर्यटकों को रात के समय एशियाई शेर, बंगाल टाइगर, तेंदुए और उड़न गिलहरियों जैसे वन्यजीव देखने को मिलेंगे।
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल अनुमानित लागत | 1,500 करोड़ रुपये |
| कुल क्षेत्रफल | 5,000 हेक्टेयर (कुकरैल वन क्षेत्र) |
| पहले चरण का क्षेत्र | लगभग 855 एकड़ |
| विशेषता | भारत की पहली शहरी नाइट सफारी |
| मुख्य आकर्षण | एशियाई शेर, बंगाल टाइगर, तेंदुआ, घड़ियाल |
| निगरानी संस्थाएं | CEC, CZA और पर्यावरण मंत्रालय |
प्रशासन ने साफ किया है कि जंगल के अंदर सड़क को चार लेन के बजाय दो लेन का ही रखा जाएगा ताकि प्रकृति को नुकसान न हो। साथ ही, वन्यजीवों की शांति के लिए कम तीव्रता वाली लाइटों का इस्तेमाल होगा। नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान को कुकरैल में शिफ्ट नहीं किया जाएगा। अब सरकार निर्माण एजेंसी के चयन और टेंडर की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी में है, जिससे अगले कुछ महीनों में काम शुरू हो सकता है।