Lucknow में नवजात बच्चे का सौदा, फर्जी दस्तावेज बनाकर 3 लाख में बेचा; पुलिस ने 5 पर दर्ज की FIR

Lucknow: राजधानी लखनऊ के गुडंबा इलाके में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक दो दिन के नवजात बच्चे को फर्जी कागजात तैयार कर 3 लाख रुपये में बेच दिया गया। इस पूरे खेल में एक क्लिनिक और डॉक्टरों की मिलीभगत क

Lucknow: राजधानी लखनऊ के गुडंबा इलाके में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक दो दिन के नवजात बच्चे को फर्जी कागजात तैयार कर 3 लाख रुपये में बेच दिया गया। इस पूरे खेल में एक क्लिनिक और डॉक्टरों की मिलीभगत की आशंका है, जिससे अब मानव तस्करी गिरोह के शामिल होने का संदेह जताया जा रहा है।

यह पूरा मामला कुर्सी रोड स्थित St. Mary Polyclinic का है। चाइल्ड हेल्पलाइन को मिली सूचना के बाद इस अवैध लेन-देन का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, बहादुरपुर निवासी आरती देवी ने अपने दो दिन के बेटे को 3 लाख रुपये में रेनू शर्मा को बेच दिया। बताया जा रहा है कि आरती और उसके पति राजेश निगम के पहले से चार बच्चे हैं और वे पांचवें बच्चे को पालना नहीं चाहते थे। इस पैसे का इस्तेमाल आरती अपने घर के निर्माण के लिए करने वाली थी।

इस सौदे को कानूनी रूप देने के लिए क्लिनिक में फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। कागजों में रेनू शर्मा को बच्चे की माँ दिखाया गया, जबकि असल में रेनू ने उस क्लिनिक में न तो डिलीवरी की थी और न ही वह गर्भवती थी। रेनू शर्मा शांति विहार, फूलबाग कॉलोनी की रहने वाली है और एक सरकारी अधिकारी की पत्नी है।

गुडंबा पुलिस स्टेशन में मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को इस मामले में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बच्चे की जैविक माँ आरती देवी, खरीदार रेनू शर्मा और क्लिनिक के दो डॉक्टरों, डॉ. शालू और डॉ. विनोद समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 80 और 81 के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी की अन्य धाराएं लगाई गई हैं।

SHO अंजनी मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से St. Mary Polyclinic और वहां के स्टाफ की भूमिका की जांच करने की मांग की है। पुलिस ने आरती और रेनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उनका मेडिकल परीक्षण कराया। इस पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है। फिलहाल, बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया है और उसे चाइल्ड हेल्पलाइन की देखरेख में रखा गया है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर राहुल कुमार कर रहे हैं और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) भी इसमें शामिल है।