Lucknow में घर बनवाने के बदले बेचा नवजात बच्चा, सरकारी कर्मचारी और मां दोनों गिरफ्तार

Lucknow : राजधानी लखनऊ में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक मजदूर महिला ने अपना घर बनवाने के लालच में अपने नवजात बच्चे का सौदा कर लिया। पुलिस ने इस मामले में फर्जी दस्तावेज बनाकर बच्चे को खरीदने

Lucknow : राजधानी लखनऊ में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक मजदूर महिला ने अपना घर बनवाने के लालच में अपने नवजात बच्चे का सौदा कर लिया। पुलिस ने इस मामले में फर्जी दस्तावेज बनाकर बच्चे को खरीदने वाले सरकारी कर्मचारी और बच्चे की माँ, दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल में अस्पताल की मिलीभगत रही जहाँ फर्जी कागजात तैयार किए गए ताकि बच्चे के ट्रांसफर को कानूनी दिखाया जा सके। यह घटना लखनऊ के एक अस्पताल की है जहाँ बच्चे की खरीद-फरोख्त का यह घिनौना काम किया गया।

लखनऊ में बच्चों की तस्करी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। फरवरी 2025 में मड़ियांव पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह को पकड़ा था जो लड़कों को 5 लाख और लड़कियों को 3 लाख रुपये में बेचता था। वहीं जनवरी 2025 में गुडंबा पुलिस ने डॉ. भुवनेश्वर यादव नाम के एक क्लिनिक मालिक को गिरफ्तार किया था जो गरीब परिवारों को लालच देकर उनके बच्चों को निःसंतान दंपतियों को बेचता था।

हाल ही में जुलाई 2026 में भी एक डेढ़ साल की बच्ची को 2.5 लाख रुपये में बेचने की कोशिश नाकाम की गई थी। इन सभी मामलों से पता चलता है कि कुछ लोग मजबूरी और लालच का फायदा उठाकर बच्चों की तस्करी कर रहे हैं।

भारत में बच्चों को गोद लेने की पूरी प्रक्रिया Central Adoption Resource Authority (CARA) के नियमों के तहत होती है। किसी भी तरह का पैसों का लेन-देन या निजी सौदा करना एक गंभीर कानूनी अपराध है।