UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) का उद्घाटन किया। इस मौके पर उनके साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे। सीएम योगी ने बताया कि अब मौसम की जानकारी पहल
UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) का उद्घाटन किया। इस मौके पर उनके साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे। सीएम योगी ने बताया कि अब मौसम की जानकारी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सटीक हो गई है, जिससे समय रहते लोगों को सुरक्षित किया जा सकता है और जान-माल के नुकसान को रोका जा सकता है।
सटीक मौसम जानकारी से कैसे बची लोगों की जान?
मुख्यमंत्री ने सहारनपुर के मां शाकंभरी देवी मंदिर का उदाहरण देते हुए बताया कि जब शिवालिक पहाड़ियों और देहरादून में भारी बारिश हुई, तब मंदिर में श्रद्धालु कीर्तन कर रहे थे। मौसम विभाग से समय पर सटीक जानकारी मिली, जिसकी वजह से सभी लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि अब आपदा आने से करीब तीन घंटे पहले लोगों के मोबाइल पर अलर्ट मैसेज आने लगे हैं।
मौसम विभाग के बुनियादी ढांचे में क्या बदलाव हुए हैं?
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 10 सालों में मौसम विज्ञान के सिस्टम में बड़ा विस्तार हुआ है। साल 2014 में देश में केवल 17 डॉप्लर मौसम रडार थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 50 हो गई है। ‘मिशन मौसम’ के तहत अगले दो साल में इसे बढ़ाकर 100 करने की योजना है। लखनऊ का यह नया केंद्र अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत आसपास के इलाकों में मौसम की निगरानी और सटीक भविष्यवाणी का काम करेगा।
यूपी में मौसम की निगरानी के लिए क्या इंतजाम हैं?
उत्तर प्रदेश सरकार अब मौसम की और भी सटीक जानकारी के लिए ISRO से सहयोग लेकर अपना खुद का उपग्रह (Satellite) विकसित करने पर विचार कर रही है। राज्य में अब तक 450 स्वचालित मौसम स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2,000 स्वचालित वर्षामापी लगाए जा चुके हैं। साथ ही आजमगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ जैसे शहरों में एक्स-बैंड डॉप्लर मौसम रडार लगाए जा रहे हैं, जो आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की सटीक जानकारी देंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का क्या फायदा होगा?
यह केंद्र उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के इलाकों में मौसम की बेहतर निगरानी करेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर सटीक पूर्वानुमान और समय पर चेतावनी मिल सकेगी।
आम लोगों को मौसम की चेतावनी कैसे मिलेगी?
अब आपदा आने से लगभग तीन घंटे पहले लोगों के मोबाइल फोन पर अलर्ट संदेश भेजे जा रहे हैं, ताकि वे समय रहते सतर्क हो सकें।