Lucknow में NEET पेपर लीक को लेकर बवाल, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सड़कों पर उतरे छात्र
Lucknow: नीट पेपर लीक मामले ने उत्तर प्रदेश में तूल पकड़ लिया है। लखनऊ समेत राज्य के कई हिस्सों में छात्र और युवा सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। युवाओं का गुस्सा इत
Lucknow: नीट पेपर लीक मामले ने उत्तर प्रदेश में तूल पकड़ लिया है। लखनऊ समेत राज्य के कई हिस्सों में छात्र और युवा सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। युवाओं का गुस्सा इतना ज्यादा है कि अब वे एक बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं।
शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को लखनऊ के परिवर्तन चौक से शहीद स्मारक तक छात्रों और सिविल सोसाइटी ने एक ‘प्रतिरोध मार्च’ निकाला। शाम करीब चार बजे शुरू हुए इस मार्च में सैकड़ों युवाओं ने हिस्सा लिया और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि यह मार्च शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इसकी वजह से शहर के कुछ रास्तों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। इसी दौरान लखनऊ यूनिवर्सिटी के बाहर भी छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर तनाव भी देखा गया। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज इलाके में विरोध जताया और राज्यपाल के आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इससे पहले गुरुवार को भी लखनऊ और प्रयागराज जैसे शहरों में पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की खबरें आईं थीं।
राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर कूद पड़े हैं। यूपी कांग्रेस ने घोषणा की है कि शनिवार, 25 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में मोमबत्ती मार्च और सत्याग्रह किया जाएगा। वहीं, समाजवादी पार्टी के भी लखनऊ में प्रदर्शन करने की उम्मीद है। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी इस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है।
दूसरी तरफ, सरकारी सूत्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे क्योंकि सरकार इसे समस्या का हल नहीं मानती। सरकार का जोर परीक्षा प्रणाली में सुधार करने पर है। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 15 मई को यह माना था कि नीट-यूजी परीक्षा में सेंध लगी थी और असली प्रश्न पत्र लीक हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो संदेश के जरिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
NTA की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, एक महीने के भीतर NTA की समीक्षा की जाएगी। बता दें कि 3 और 7 मई को हुई परीक्षाओं को रद्द करने के बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई थी, जिसकी अब सीबीआई जांच चल रही है।