UP: लखनऊ में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में विशेष अभियान चलाकर 12 मामलों में बिजली चोरी पकड़ी और उनके खिलाफ एफआईआर
UP: लखनऊ में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में विशेष अभियान चलाकर 12 मामलों में बिजली चोरी पकड़ी और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद शहर में बिजली चोरी रोकना और लाइन लॉस को कम करना है।
किन इलाकों में हुई कार्रवाई और क्या मिला
शुक्रवार को हुई इस चेकिंग के दौरान राजाजीपुरम, चौक, हुसैनगंज, अमौसी और गोमतीनगर जैसे इलाकों में छापेमारी की गई। अमौसी के अधिशासी अभियंता ए.के. शुक्ला ने बताया कि प्रवर्तन दल ने एक शोरूम का खुलासा किया जो सीधे ट्रांसफार्मर से बिजली चोरी कर रहा था। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी मीटर बाईपास करके अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था।
बड़े पैमाने पर चोरी और भारी जुर्माना
अमौसी जोन में पिछले कुछ समय में बड़ी कार्रवाई हुई है। 27 मई को होटल मिराकी इन में घरेलू कनेक्शन पर 13 एसी और 12 पंखे चलते पाए गए। यहां 28 किलोवाट लोड पर चोरी पकड़ी गई, जिसके बाद होटल संचालक पर 10 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया और एफआईआर दर्ज की गई। इसके अलावा 8 जून को भी 88 कनेक्शनों की जांच में 9 लोग मीटर बाईपास करते पकड़े गए थे।
बिजली चोरी पर क्या हैं नियम और निर्देश
बिजली चोरी के मामलों में भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत कार्रवाई की जाती है। MVVNL की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने अधिकारियों को राजस्व वसूली के निर्देश दिए हैं। वहीं, यूपी पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने जनता से सहयोग की अपील की है। नियमों के मुताबिक, अगर 5 किलोवाट से कम लोड वाले घरेलू कनेक्शन में बिना मीटर छेड़छाड़ के थोड़ा वाणिज्यिक उपयोग मिलता है, तो एफआईआर के बजाय नोटिस देकर वसूली की जाती है, लेकिन मीटर बाईपास करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में किन इलाकों में बिजली चोरी की छापेमारी हुई?
MVVNL ने राजाजीपुरम, चौक, हुसैनगंज, अमौसी और गोमतीनगर समेत कई क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर चेकिंग की और 12 मामले पकड़े।
बिजली चोरी पकड़े जाने पर क्या कानूनी कार्रवाई होती है?
बिजली चोरी के मामलों में भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत एफआईआर दर्ज की जाती है और नियमानुसार जुर्माना वसूला जाता है।