UP: लखनऊ के पुराने हाईकोर्ट परिसर के पास अवैध चैंबरों को हटाने को लेकर नगर निगम और वकीलों के बीच टकराव बढ़ गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद निगम ने कार्रवाई शुरू की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। अब इस पूरे अभिया
UP: लखनऊ के पुराने हाईकोर्ट परिसर के पास अवैध चैंबरों को हटाने को लेकर नगर निगम और वकीलों के बीच टकराव बढ़ गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद निगम ने कार्रवाई शुरू की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। अब इस पूरे अभियान की विस्तृत रिपोर्ट 25 मई को कोर्ट में सौंपी जाएगी।
नगर निगम की कार्रवाई और वकीलों का विरोध
17 मई को कैसरबाग इलाके में चलाए गए अभियान में 100 से ज्यादा अवैध चैंबर और दुकानें गिराई गईं। इसके बाद 18 मई को वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया, जिसमें पथराव जैसी घटनाएं भी हुईं। विरोध के चलते निगम ने फिलहाल तोड़फोड़ रोक दी है और वकीलों ने तीन दिनों की हड़ताल का ऐलान किया है।
प्रशासन का पक्ष और कोर्ट की समयसीमा
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि 25 मई को हाईकोर्ट में शपथ पत्र के साथ प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की जाएगी। निगम का कहना है कि उन्होंने पहले नोटिस दिए थे और विरोध प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर कोर्ट को दी जाएगी। डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने कहा कि भीड़ द्वारा पथराव होने पर पुलिस ने जरूरी बल का प्रयोग किया।
वकीलों के आरोप और मौजूदा स्थिति
सेंट्रल बार एसोसिएशन और अन्य वकीलों का दावा है कि कोर्ट ने सिर्फ 72 चैंबर हटाने को कहा था, लेकिन प्रशासन ने करीब 240 चैंबर गिरा दिए। उनका कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था और उचित नोटिस के यह कार्रवाई की गई, जिससे उनके काम पर असर पड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक अभी भी 50 से ज्यादा चैंबर गिराए जाने बाकी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नगर निगम की रिपोर्ट हाईकोर्ट में कब पेश होगी?
नगर निगम प्रशासन 25 मई, 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) में अवैध कब्जों को हटाने की प्रगति रिपोर्ट शपथ पत्र के साथ पेश करेगा।
वकीलों ने प्रशासन पर क्या आरोप लगाए हैं?
वकीलों का आरोप है कि कोर्ट ने 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने लगभग 240 चैंबर गिरा दिए और उन्हें उचित नोटिस भी नहीं दिया गया।